श्री दत्त भजन मंडळ मे महालक्ष्मीपूजा “घागरी फुंकणे” उत्सव संपन्न

जबलपुर दर्पण । नगर की अग्रणी धार्मिक संस्था श्री दत्त भजन मंडळ मे आज सुबह श्री महालक्ष्मी देवी की पूजा पुरे विधी विधान के साथ नव विवाहित सुहासिनीयो द्वारा संपन्न की गई. शाम को गोधुली मुहूर्त पर “घागरी फुंकना” शक्ती व भक्ती के जागरण का भावात्मक प्रदर्शन किया गया. शारदेय नवरात्री मे अश्विन शुद्ध अष्टमी के दिन महालक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है. अष्टमी के दिन चावल के आटे से देवी का मुखौटा बनाकर देवी का साज शृंगार किया जाता है तथा उस प्रतिमा को स्थापित करके उसके सन्मुख मिट्टी की गागर(घडे) को अग्नी और धूप(उद) से शुद्ध करके हाथ मे लेकर गागर के अंदर फुकं मारकर नृत्य किया जाता है. ऐसा करने से श्वसन तंत्र शुद्ध होता है. ये आराधना मध्यरात्री तक चलती है. जिसमे भक्त मे भाव भी आते है.इस दौरान देवी के भक्ती गीत, गोंधळ, स्तोत्र, भजन आदी का गान होता है.देवी की विशिष्ट आराधना मे भक्त कल्पना करते है कि उनकी आँखों के सामने ‘अष्टभुजा नारायणी देवी शेषाद्रि पर्वत पर खड़ी हैं,और उनको दांपत्य जीवन, व्यापार,खुशहाली,शारीरिक व्याधी से निजात,मनःशांती प्राप्ति के लिए आशीर्वाद दे रही है. इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष विजय भावे, सचिव शरद आठले, संतोष गोडबोले, विलास ताम्हणकर, चित्रा ताम्हनकर, रंजना वर्तक, मुरली पलन्दे मनीषा भावे, स्नेहा आठले,वर्षा दांडेकर न्या.देवदत्त धर्माधिकारी, अभय गोरे, सुधीर नाईक, उदय देशमुख, अनिल राजूरकर, रवींद्र परांजपे अजय फाटक, मनीष वैद्य, भक्तगण उपस्थित थे.



