नवरात्र में शक्ति आराधना कर श्रीराम ने आसुरी शक्तियों पर विजय पाई: आचार्य कौशिक जी महाराज

जबलपुर दर्पण । नर्मदा गौ कुंभ मेला ग्राउंड, गीताधाम गौरीघाट में आयोजित श्री अतिरुद्र समन्वय चंडी महायज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ महाअष्टमी पर विशेष आहुतियां दी गईं। यज्ञ में अनवरत आहुतियां जारी हैं, और 21 अक्टूबर तक भगवान शिव का महा रुद्राभिषेक भी हो रहा है। इस अवसर पर आचार्य कौशिक जी महाराज ने रामकथा में शिव विवाह और राम जन्म का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि आदिदेव महादेव काम, क्रोध, लोभ और मोह को जीतकर धर्म का अनुसरण करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम का अवतरण धरती पर आसुरी शक्तियों का नाश करने और धर्म का पालन कराने के लिए हुआ। कौशिक जी महाराज ने नवरात्र में भगवान राम के यज्ञ की महिमा बताते हुए कहा कि भगवती पराम्बा को प्रसन्न कर श्रीराम ने आसुरी शक्तियों पर विजय प्राप्त की। उन्होंने श्रद्धालुओं को अति रुद्र समन्वय चंडी महायज्ञ में सहभागिता करने का संदेश दिया। पं. रामदेव शास्त्री ने बताया कि यज्ञ स्थल पर भगवान शंकर की बारात में भक्तों ने बाराती बनकर उत्सव मनाया। राम जन्म पर संस्कारधानी जबलपुर में अयोध्या जैसा माहौल बना रहा, और दूर-दूर से श्रद्धालु यज्ञ स्थल के दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंच रहे हैं। व्यास आरती पूजा का आयोजन देवेन्द्र नाथ सिंह और श्रीमती गीता रामप्रकाश भटेले ने किया। यज्ञ में शामिल सभी विद्वानों ने व्यास पीठ पूजन किया, जिसमें आचार्य राममोहन, श्याम साहनी, मुन्ना पांडे, रामजी अग्रवाल, और अन्य प्रमुख लोग शामिल थे। श्रीराम कथा का वाचन आज दोपहर 2 बजे से आचार्य कौशिक जी महाराज करेंगे, जिसमें श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। इस आयोजन में महाअष्टमी की विशेषता और शिव विवाह का उत्सव मनाया जा रहा है, जो भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।



