भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री डा मोहन यादव के समक्ष रखी मांग

जबलपुर दर्पण। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ सीएम हाउस ममत्व भवन में संपन्न भारतीय किसान संघ की बैठक में जबलपुर मटर मंडी के स्थानांतरण, मटर की गिरदावरी दर्ज करने, वनवासी क्षेत्रों में एमएसपी पर मिलेट्स की खरीदी करने, राजस्व, बंदोबस्त, कृषि के लिए चौदह घंटे बिजली , धान की 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदी करने आदि विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में महाकौशल प्रांत से शामिल किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने मुख्यमंत्री मोहन यादव व मुख्य सचिव अनुराग जैन के समक्ष जबलपुर मटर मंडी शहर के बाहर स्थानांतरित करने व एक जिला एक उत्पाद के तहत चयनित मटर की गिरदावरी दर्ज करने की मांग रखी। श्री पटेल ने बताया कि मटर की खरीदी जबलपुर कृषि उपज मंडी में होने से किसान व शहर वासियों दोनों को ट्रैफिक की समस्या से गुजरना पड़ता है। इसलिए मटर मंडी को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जाए।
बैठक में कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव और कृषि उत्पादन आयुक्त श्री मो. सुलेमान, अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव वन श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में अधिकतर किसान जबलपुर जिले से उपस्थित थे।भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, महामंत्री चंद्रकांत गौर, क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल, राजेन्द्र पालीवाल, प्रमोद चौधरी, ओम नारायण पचौरी, भरत पटेल, मनीष शर्मा, अतुल माहेश्वरी, आर.सी. पटेल, भवानी शंकर आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही थे।
राजस्व से जुड़े कार्य होंगे आसान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों के राजस्व से जुड़े अन्य कार्यों को भी आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फौती नामांतरण और अन्य प्रकरणों के निराकरण से 3.96 लाख आवेदक लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विभिन्न परियोजनाओं के लिए किसानों की भूमि के उपयोग पर किसान को राशि देने के स्थान पर उन्हें परियोजना में भागीदार बनाने के सुझाव पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही बन्दोबस्त कार्य से संबंधित विभिन्न शिकायतों को हल करने के लिए ड्रोन सर्वे का उपयोग भी बढ़ाया जाएगा। खेतों के पारम्परिक रास्ते बनाए रखने की पद्धति भी विकसित की जाएगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में थर्मल पावर के साथ ही सोलर एनर्जी का प्रयोग निरंतर बढ़ाया जा रहा है। नवीन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मध्यप्रदेश निरंतर आगे बढ़ रहा है। किसानों द्वारा सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाता है तो उन्हें पूर्ण प्रोत्साहित किया जाएगा। सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग कृषि कार्य में भी हो रहा है। सौर ऊर्जा को एक महत्वपूर्ण समाधान के रूप में देखा जा रहा है।



