राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय सर्पदंश निवारण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न

जबलपुर दर्पण । मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत रेबीज और सर्पदंश जैसी गंभीर समस्याओं पर नियंत्रण हेतु आयोजित दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का सफल समापन हुआ। कार्यशाला का आयोजन जिला चिकित्सालय, जबलपुर के स्वामी विवेकानंद सभागृह में 18 और 19 अक्टूबर 2024 को किया गया। इस प्रशिक्षण में चिकित्सा अधिकारी और पैरामेडिकल स्टाफ को रेबीज और सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सही समय पर उपचार और जागरूकता के उपायों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम के पहले दिन डॉ. विनीता उप्पल और डॉ. रणवीर सिंह जाटव ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी। समापन दिवस पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा की उपस्थिति में प्रशिक्षण समाप्त हुआ। डॉ. मिश्रा ने बताया कि रेबीज और सर्पदंश से होने वाली मौतों के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, समय पर एंटी-रेबीज और एंटी-स्नेक इंजेक्शन न लगवाना और दूसरा, झाड़-फूंक जैसी पारंपरिक उपचार पद्धतियों में समय बर्बाद करना। लोगों को जागरूक कर और त्वरित चिकित्सा उपलब्ध कराकर इन मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इस कार्यशाला में डॉ. सारिका दुबे, डॉ. फयीमुद्दीन मंसूरी, और सुश्री श्रीया अवस्थी सहित अन्य विशेषज्ञों द्वारा भी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। अंत में सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। इस प्रकार के प्रशिक्षण से चिकित्सा स्टाफ में इन रोगों से निपटने की क्षमता में सुधार होगा और भविष्य में जागरूकता बढ़ाकर अधिक जानें बचाई जा सकेंगी।



