किसानों का पराली जलाने को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध, समाधान की मांग

जबलपुर दर्पण। जिले में पराली जलाने को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच गतिरोध बढ़ता जा रहा है। प्रशासन द्वारा पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज करने के आदेशों से भड़के किसान अपने ट्रैक्टरों और वाहनों में पराली लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने अपनी मांग रखते हुए प्रशासन से पराली जलाने का समाधान देने की अपील की।
किसान संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि जिला प्रशासन ने पराली के निष्पादन को लेकर गंभीरता दिखाई और कलेक्टर दीपक सक्सेना ने अधिकारियों को पराली निपटान के लिए आदर्श मॉडल तैयार करने के निर्देश दिए। पटेल ने यह भी कहा कि किसानों को पराली जलाने के लिए बदनाम करना बंद किया जाए और प्रदूषण के असली कारणों, जैसे उद्योग और वाहनों के प्रदूषण, पर अधिक ध्यान दिया जाए।
कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में किसानों ने प्रशासन से ठोस समाधान की मांग की। इस दौरान, किसानों ने कलेक्टर कार्यालय के सामने ट्रैक्टरों और वाहनों में लाकर पराली रखी और विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन में जिले भर के विभिन्न गांवों और तहसीलों से सैकड़ों किसान शामिल हुए।
किसानों ने पराली को गौशालाओं में दान देने की भी पहल की, जैसे शहपुरा के किसान धर्म पटेल ने अपनी पराली गौशाला को दान कर दी। इस आंदोलन के दौरान प्रशासन ने शहर में पराली से भरी ट्रालियों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद किसान संघ ने प्रशासन के आग्रह पर ट्रालियों को शहर में न लाने का निर्णय लिया।
यह घटना किसानों और प्रशासन केजबलपुर दर्पण। बीच संवाद और समाधान की आवश्यकता को प्रकट करती है, साथ ही प्रदूषण से जुड़ी समस्याओं के सामूहिक समाधान की ओर इशारा करती है।



