जबलपुर में हुआ शानदार कवि सम्मेलन, शायरों ने बिखेरी अपनी कलम की कला

जबलपुर दर्पण। जबलपुर के सिविक सेंटर में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के साहित्य प्रेमियों को एक यादगार शाम मिली। इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री शरद अग्रवाल जी (प्रदेश संयोजक, भाजपा व्यापारी प्रकोष्ठ एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय साहित्य परिषद) उपस्थित रहे। डॉ. रिज़वान अंसारी जी (पूर्व पार्षद एवं पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष, अल्पसंख्यक मोर्चा, मध्य प्रदेश) की सरपरस्ती और डॉ. शकील अंसारी जी की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम की निज़ामत जनाब राशिद राही ने की, जबकि संयोजन का कार्य परवेज़ आलम परवाज़ जी ने बखूबी निभाया। मुख्य वक्ता के रूप में फ़ीरोज़ कमाल ने श्रोताओं को अपने विचारों से प्रभावित किया, और महमान ख़ास के रूप में डॉ. शोएब हसन जी ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया।
इस कवि सम्मेलन में उस्ताद-ए-शोअरा असलम माजिद जबलपुरी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने अपनी शायरी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने न केवल बेहतरीन ग़ज़लें प्रस्तुत कीं, बल्कि नए शायरों को शायरी के बारीकियों और कला की समझ भी दी।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले शायरों में शेख़ निज़ामी राशिद राही शाहनवाज़ महवर परवेज़ आलम परवाज़ रिज़वान हकीमी डॉ. प्रतिभा पटेल शिवम सोनी और पूर्णिमा सिंह इरम जी ने अपनी बेहतरीन कविताओं और ग़ज़लों से श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।
इस अवसर पर कई और साहित्य प्रेमी भी उपस्थित थे, जिनमें छिददी चाचा, अकील अहमद, सरताज मंजिल, अनवर अन्नू, अमजद अंसारी, अनवर हफीज, शमशुल हसन, हाशिम, वाकर, पप्पू कूलर, असलम, फैसल, नईम अंसारी, चिंगम और शब्बीर जैसे प्रमुख लोग शामिल थे।
यह आयोजन शहर के साहित्यिक माहौल को और भी समृद्ध करने में अहम भूमिका निभा रहा था और यह एक बेहतरीन उदाहरण था कि जब कला और साहित्य एक मंच पर मिलते हैं, तो कैसे वे एक यादगार अनुभव का रूप ले सकते हैं।



