आउटर्सोस कर्मचारी न्यूनतम वेतन में कार्य करने मजबूर

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश जागरूक अधिकारी कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रॉबर्ट मार्टिन ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि जहां एक तरफ मंहगाई अपनी चरम सीमा पर है वहीं सभी विभागों में कार्यरत आउटर्सोस कर्मचारी न्यूनतम वेतन 7-12 हजार रूपये में कार्य करने मजबूर हैं जबकि इस मंहगाई के दौर में इतने कम वेतन में परिवार का लालन पोषण/जीवकोपार्जन करना संभव नहीं हो पा रहा है। साथ ही भविष्य का कोई ठिकाना नहीं है। कभी भी इनकी सेवा समाप्त कर दी जाती है, आउटर्सोस एजेंसी भी मनमानी करती है। इनका वेतन भी समय पर नहीं हो पाता है जिससे इन अल्पवेतनभोगी आउटर्सोस कर्मचारियों को अत्यधिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शासन प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए एवं आउटर्सोस कर्मचारियों के लिए उचित कदम उठाना चाहिए। जिससे इन्हे राहत मिल सके।
संघ ने बताया कि वहीं दूसरी तरफ इन कर्मचारियों को किसी प्रकार की सुविधाएं प्राप्त नहीं हैं। जबकि ये आउटर्सोस कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की भांती सभी कार्य चाहे वह आनलाईन कार्य हो चाहे ऑफलाईन कार्य हो सभी प्रकार के कार्यालयीन कार्य करते आ रहे हैं तो इन्हे समान कार्य हेतु समान वेतन उपलब्ध होना चाहिए जो की नहीं मिल रहा है। वहीं दूसरी तरफ एक ही विभाग में लम्बे समय से कार्य करते हुए इनकी उर्म बड़ जाने की वजह से ये फिर किसी भी प्रकार से शासकीय नौकरी पाने हेतु पात्र नहीं रह जाते और जहां कार्य करते हुए अपनी लम्बी सेवाएं दे रहे हैं वहां से उम्र के अंतिम पड़ाव में हटा दिये जाते है जिससे वे बेरोजगार हो जाते हैं, और उनका परिवार सहित जीवन अंधकारमय हो जाता है, सीधी भर्ती में भी किसी प्रकार का अनुभव का लाभ नहीं दिया जाता है जो की अन्याय पूर्ण है। यही वजह है कि इनमें रोष व्याप्त है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष-रॉबर्ट मार्टिन, शहीर मुमताज़, राजेश सहारिया, हेमंत ठाकरे, राकेश श्रीवास, दिनेश गौंड़, रऊफ खान, एनोस विक्टर, दीपेश जैन, रामेश्वर प्रसाद दुबे, सुधीर पावेल, गुडविन चाल्र्स, राजेश सिंह ठाकुर, धनराज पिल्ले, फिलिप एन्थोनी, मनमोहन चौधरी, देवेन्द्र भट, सुनील झारिया, योगेष ठाकरे, उमेष सिंह ठाकुर, विनय रामजे, विनोद सिंह, राकेश गुप्ता, देवेन्द्र पटेल, अफरोज खान, नीरज मरावी, विरेन्द्र श्रीवास, सुधीर अवधिया, मानसिंह आर्मो, संदीप यादव, गोपीषाह, सतीष त्रिपाठी, आषीष कोरी, विजय झारिया, आषाराम झारिया, आर.पी.खनाल, एस.बी.रजक, संतोष चैरसिया, समर सिंह ठाकुर, त्रिलोक सिंह, अषोक परस्ते, अनूप डाहट, आदि ने मुख्य मंत्री महोद्य से मांग की है कि आउटर्सोस कर्मचारियों को नियमिति करते हुए सभी सुविधाएं दी जाए।



