शहर में दुकान बंदी का दिखा असर, अधिकांश दुकानें रहीं बंद,व्यापारी संघ की बैठक में लिया गया था निर्णय

सीधी जबलपुर दर्पण । व्यापारी संघ सीधी की रविवार को दुकान बंदी का असर आज देखा गया। व्यापारी संघ द्वारा दुकान बंदी को लेकर दूसरी बार व्यवसायियों की बैठक आहूत की गई थी। जिसमें व्यापारियों ने रविवार दुकान बंदी का समर्थन किया था। आज दूसरी मर्तबा रविवार को शहर की 90 फीसदी से ज्यादा दुकानें बंद रहीं। कुछ छोटे एवं सीजनल व्यवसायियों द्वारा दुकानें खोली गई थी। बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा सुबह से पसरा रहा। बाजार में ग्राहकों की उपस्थिति न के बराबर थी। इसी वजह से जो दुकानें खुली भी थीं उनका व्यवसाय मंदा रहा। दरअसल व्यापारी संघ अध्यक्ष लालचंद गुप्ता द्वारा दुकान बंदी की अपील पर अधिकांश व्यापारियों ने इसके महत्व को समझा और समर्थन करते हुए रविवार को अपनी दुकानों को बंद रखा। व्यापारी संघ द्वारा दुकान बंदी को पूरी तरह से स्वेच्छिक किया गया था। साथ ही दूसरी बार आयोजित बैठक में स्पष्ट कर दिया गया था कि दुकान बंदी अपनी स्वेच्छा से व्ययवसायी करें। व्यापारी अपनी स्वेच्छा से रविवार अवकाश लेकर अपना समय अपने घर-परिवार और समाज के अन्य कार्यों के लिए निकालें। व्यापारियों को एक दिन का समय सप्ताह में अपने और परिवार के लिए रखना चाहिए। जिससे वह स्वास्थ्य लाभ के साथ ही अन्य आवश्यक कार्यों को आशानी के साथ कर सकें। व्यापारी संघ अध्यक्ष की मंशा को अधिकांश व्यापारियों ने समझा और इसका पूरा समर्थन किया था। आज दूसरे रविवार को इसी वजह से अधिकांश व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानों को बंद रखा। रविवार को दुकान बंदी रहने की जानकारी पूर्व से ही लोगों को होने के कारण बाजार में ग्राहकों की उपस्थिति नगण्य रही। यह जरूर है कि अपने रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की खरीदी के लिए लोग अपने घरों के आसपास छोटी दुकानों से खरीदी किए। बाजार में दुकानों के बंद रहने के कारण सडक़ों में भी सन्नाटा पसरा रहा। जो सडक़ें अन्य दिनों भीड़ से खचाखच भरी रहती थी आज सूनसान नजर आई। रविवार को दुकान बंदी करने को लेकर व्यवसायियों में भी उत्साह देखा गया।
सडक़ों में पसरा रहा सन्नाटा -रविवार दुकान बंदी के कारण शहर के बाजार क्षेत्र में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा नजर आया। इसी वजह से सडक़ें पूरी तरह से खाली थीं। लोगों की आवाजाही न होने के कारण ऑटो भी गायब नजर आए। जो कुछ ऑटो चल भी रहे थे उनको सवारी न मिलने के कारण चालकों में भी काफी मायूशी देखी गई। मुख्य बाजार क्षेत्र में ही अधिकांश बड़ी दुकानें संचालित हैं। जिसके चलते उनका शटर गिरने के बाद से ग्राहक भी खरीदी करने से रविवार को दूरी बनाए नजर आए। बाजार क्षेत्र में भीड़भाड़ न रहने के कारण जो फुटपाथी कारोबारी बैठे हुए थे उनका भी व्यवसाय काफी मंदा रहने के कारण उनमें काफी मायूशी देखी गई। चर्चा के दौरान कुछ फुटपाथी व्यवसायियों का कहना था कि जब बाजार में भीड़ ही नहीं रहेगी तो स्वाभाविक है व्यवसाय खत्म के समान ही रहेगा। यह जरूर है कि छोटे व्यापारी मजबूरी के चलते अपना व्यवसाय करने के लिए सुबह से ही निकल पड़ते हैं। बाजार क्षेत्र में लोगों की भीड़ न रहने के कारण सब्जी एवं फल के साथ ही रेस्टोरेेंट कारोबारियों का व्यापार भी काफी मंदा रहा। जो व्यापारी अपनी दुकानें सीजनल या मजबूरी के चलते खोले हुए थे ग्राहकों के न पहुंचने के कारण वह भी समय काटते हुए नजर आए।


