कांग्रेस द्वारा लगाया आपातकाल इतिहास का काला अध्याय,निर्दोष नेताओ, विद्वानों एवं विचारकों ने झेली कठोर जेल यातनाएँ, देश में फैलाई अराजकता ःउपमुख्यमंत्री शुक्ला

सीधी जबलपुर दर्पण । कांग्रेस सरकार द्वारा लोकतंत्र को कलंकित करने वाला इतिहास का काला दिन था 25 जून 1975, जब इंदिरा सरकार के अहंकार ने आपातकाल लगाया। ईश्वर से प्रार्थना है कि देश को ऐसा दिन फिर से न देखना पड़े। लोकतंत्र को बचाने के लिए जिन विभूतियों ने अपना जीवन दांव पर लगाया, उन्हें नमन करता हूं। आइए संकल्प लें कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए ऐसी मानसिकता, अहंकार और तानाशाही विचारधारा से देश को मुक्त कराएंगे।
उक्त आशय के विचार उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान की अध्यक्षता और लोकसभा संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉक्टर राजेश मिश्रा, धौंहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक, प्रदेश कार्य समिति के सदस्य इंद्र शरण सिंह चौहान, के के तिवारी के विशिष्ट आतिथ्य और जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे और आभार डॉ मनीला सिंह चौहान की उपस्थित मे कही।
कांग्रेस ने निर्वाचित 90 बार राज्य सरकारों को बर्खास्त करने का किया है पाप
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के संदर्भ और कांग्रेस की सरकारों के लिए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए और तानाशाह रवैया अपनाते हुए जनता द्वारा चुनी गई राज्य सरकारों को 90 बार से अधिक बर्खास्त कर संविधान की हत्या कर की। इसके साथ ही अपनी निहित स्वार्थ की पूर्ति और निरंकुश तानाशाह बनने के लिए 75 बार संविधान में संशोधन किया। केवल इतना ही नहीं संविधान के स्तंभ कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका के सभी अधिकारों को समाप्त कर, आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों को छीनकर, प्रेस की आजादी को क्रूरता पूर्वक समाप्त कर ने का दुष्कर्म कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने किया था।
कांग्रेस में व्यक्ति महत्वपूर्ण, देश बाद मे
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर पार्टी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस एक व्यक्ति, एक परिवार की पार्टी है। जिसके लिए पहले व्यक्ति, फिर पार्टी, और उसके बाद देश का सिद्धांत कार्यकर्ता है। जबकि भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रवादी पार्टी है। राष्ट्र प्रथम, पार्टी द्वितीय, और व्यक्ति तीसरे पायदान पर होता है।
आपातकाल लगाने का कांग्रेस करें प्रायश्चित
उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने आपातकाल पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस आज अपने कुकर्म और पापों के कारण हासिऐ पर खड़ी है। अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस मुक्त भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्घोष नहीं बल्कि हम सभी के लिए एक संदेश है। कांग्रेस ने केवल और केवल देश का शोषण किया है और एक परिवार का ही उत्थान किया है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में आज देश का प्रत्येक वर्ग सुखी और समृद्धिशाली हो रहा है। कांग्रेस अपने कुकर्मों के कारण और आपातकाल में सज्जनों, विद्वानों और राष्ट्रवादी नेताओं को बिना कारण ही जेल में बंद कर आतंकवादियों जैसी यातनाएं दी गई, जिसका प्रायश्चित कांग्रेस को कई वर्षों तक करना पड़ेगा।
आपातकाल एक बिभीसिका
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि आपातकाल 25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने अपनी सरकार को बचाने के लिए लगाया था। उस समय के तत्कालीन बड़े-बड़े नेता पंडित अटल बिहारी वाजपेई, जयप्रकाश नारायण सहित लाखो राजनेता, कथाकार, लेखक, विद्वान, पत्रकार रातो रात उठाकर जेल में डाल दिया था। यह काला अध्याय किसी भीषिका से काम नहीं है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने जनता जनार्दन से अपील करते हुए कहा कि हर स्तर पर लोग सतर्क और जागरूक रहे, जिसके कारण भविष्य में कोई भी व्यक्ति आपातकाल जैसा कदम उठाने की जुर्रत ना कर सके। कांग्रेस ने मुस्लिम तुष्टिकरण, आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद को बढ़ाया है।
जिन्हें संविधान की एबीसी नहीं मालूम वे कर रहे संविधान बचाओ की बात
कांग्रेस पर कठोरता से प्रहार करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी एण्ड कंपनी के लोग एक पुस्तिका हाथ में लेकर हर सभा में लहराते रहते हैं और संविधान की दुहाई देते रहते हैं। ऐसे लोगों को संविधान की एबीसीडी तक पता नहीं है। जनता इनकी कथनी और करनी को पहचान चुकी है। इसके पूर्व मंचासिन अतिथियों का भाजपा जिला अध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। पत्रकार वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि दुबे और आभार प्रदर्शन जिला सह मीडिया प्रभारी डॉ मनीला सिंह चौहान ने किया।इस अवसर पर प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया के सैकड़ो प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


