शिक्षा माफियाओं की मनमानी पर प्रशासन मौन, 4 लाख बच्चों का भविष्य खतरे में
जबलपुर दर्पण । निजी विद्यालयों की मनमानी, अनियमितताओं और फीस वृद्धि को लेकर आज पेरेंट्स एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षा माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए कहा गया कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो सैकड़ों अभिभावकों के साथ मिलकर उग्र जन आंदोलन छेड़ा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि कलेक्टर महोदय द्वारा पहले भी कई आदेश जारी किए गए थे, किंतु आज तक उनका कोई पालन नहीं हुआ। वहीं न्यायालय में लंबित मामलों में शासकीय अधिवक्ताओं द्वारा वर्षों से जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे न्याय प्रक्रिया बाधित हो रही है और लगभग 4 लाख विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित हो रही है।
गुप्ता ने कहा कि निजी विद्यालयों में बिना अनुमति फीस वृद्धि, टीसी जबरन काटने, बच्चों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, तथा अभिभावकों को धमकाने जैसी घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। यह शिक्षा के अधिकार का सीधा उल्लंघन है।
संघ की प्रमुख माँगें:
- शिक्षा माफियाओं व नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर तत्काल सख्त कार्रवाई।
- फीस वृद्धि की सभी शिकायतों पर त्वरित और पारदर्शी समाधान।
- हाईकोर्ट में लंबित प्रकरणों में सरकारी पक्ष की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
- स्थायी शिकायत तंत्र की स्थापना, जिससे अभिभावक सीधे प्रशासन से संवाद कर सकें।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि माँगों पर समय रहते अमल नहीं हुआ, तो वे शहरभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
प्रेमांश जैन, विकास पाल, अमित पलिया, अभिनेश अवस्थी, अंकित पासी, वीनिता पटेल, नीलम पैष्पा केवट, गौरीश ठाकुर, अमित परोहा, अभिषेक साहू, प्रमोद मिश्रा, अरविन्द जैन, आशीष साहू, कामया तोलानी, मुस्कान तोलानी, अग्रज शर्मा सहित सैकड़ों अभिभावक।



