नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

सीधी जबलपुर दर्पण । नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में पुलिस की उत्कृष्ट विवेचना एवं अभियोजन अधिकारी द्वारा साक्ष्यो के उत्तम प्रस्तुतीकरण के कारण आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दण्डित कराया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविन्द श्रीवास्तव एवं एसडीओपी चुरहट आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में तथा तत्कालीन थाना प्रभारी कमर्जी उप निरीक्षक भूपेश बैस के उत्तम विवेचना एवं साक्ष्यों के प्रस्तुतीकरण द्वारा बालिका से दुष्कर्म के एक प्रकरण में आरोपी को शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा दिलाई गई है। जिला सीधी के थाना कमर्जी क्षेत्र में दिनांक 22 अप्रैल 2023 को एक नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के गंभीर मामले में न्यायालय द्वारा आरोपी को शेष प्राकृत जीवनकाल तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
पुलिस के अनुसार पीडि़ता की माता द्वारा अस्पताल चौकी सीधी में सूचना दी गई थी कि उसकी नाबालिग पुत्री के साथ आइसक्रीम विक्रेता राजेश कोरी निवासी ग्राम चिलरी थाना कमर्जी द्वारा बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर नशीला पदार्थ पिलाकर बलात्कार किया गया। घटना की पुष्टि के पश्चात थाना कमर्जी में एफआईआर क्रमांक 131/2023 अंतर्गत धारा 363, 376(3) भादवि एवं 5/6 पॉक्सो एक्ट में अपराध पंजीबद्ध किया गया। मामला जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित कर पुलिस अधीक्षक डॉ. रविंद्र वर्मा द्वारा तत्काल विवेचना के निर्देश दिए गए। विवेचना में आरोपी के विरुद्ध पूर्व बलात्कार के मामले में दोष सिद्धि एवं 10 वर्ष की सजा का रिकॉर्ड भी सामने आया। अपराध की पुनरावृत्ति पाए जाने पर धारा 376(ई) भादवि का इजाफा कर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय सीधी में प्रस्तुत किया गया। विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट सीधी द्वारा आरोपी राजेश कोरी पिता लखपति कोरी उम्र 28 वर्ष को धारा 366 भादवि में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपए अर्थदण्ड, धारा 376(ई) भादवि में शेष जीवनकाल तक आजीवन कारावास एवं 50,000 रुपए अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया गया है। इस प्रकरण में विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक भूपेश बैस एवं अभियोजन अधिकारी प्रशांत पाण्डेय द्वारा न्यायालय में सशक्त साक्ष्य व दस्तावेज प्रस्तुत कर प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को कठोर सजा सुनाई गई।


