जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का 75वां अवतरण दिवस 8 सितंबर को
बैतूल जबलपुर दर्पण । 8 सितंबर 2025 को जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का 75वां अवतरण दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। संत रामपाल जी को भक्तजन पूर्ण ब्रह्म/परमेश्वर का अवतार मानते हैं, जिन्होंने 17 फरवरी 1988 से अपनी आध्यात्मिक यात्रा आरंभ कर लाखों लोगों को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त कर सच्चे भक्ति मार्ग की ओर अग्रसर किया।
आध्यात्मिक यात्रा –
हरियाणा के सोनीपत जिले के धनाना गाँव में 8 सितंबर 1951 को जन्मे संत रामपाल जी ने प्रारंभ में सिंचाई विभाग, हरियाणा सरकार में अभियंता के रूप में कार्य किया। 1988 में कबीरपंथी गुरु स्वामी रामदेवानंद जी से नामदीक्षा प्राप्त कर उनकी आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। 1994 में उन्हें उत्तराधिकारी घोषित किया गया। इसके बाद उन्होंने नौकरी त्यागकर 1999 में करोंथा (रोहतक) में आश्रम की स्थापना की। वर्तमान में वे सतलोक आश्रम, बरवाला (हिसार) सहित देशभर में सतलोक आश्रमों के माध्यम से शास्त्र-आधारित भक्ति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।
धार्मिक दृष्टि
संत रामपाल जी के अनुयायी उन्हें भगवद गीता अध्याय 4 श्लोक 7-8 के अनुसार पूर्ण परमात्मा का अवतार मानते हैं, जो अधर्म बढ़ने पर धर्म की पुनर्स्थापना के लिए प्रकट होते हैं। भक्तों के अनुसार, उन्हीं के नेतृत्व में स्वर्ण युग की शुरुआत होगी और भारत विश्वगुरु बनेगा।
आयोजन
संत रामपाल जी महाराज का 75वां अवतरण दिवस सतलोक आश्रम उड़दन, बैतूल सहित सभी 12 सतलोक आश्रमों में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष सत्संग, भंडारा और अनेक सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
सतलोक आश्रम परिवार ने सभी श्रद्धालुओं को सहपरिवार इस समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया है।



