स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग द्वारा हिंदी पखवाड़े में लोक एवं भजन गायन का आयोजन

जबलपुर दर्पण । स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत लोक गायन एवं भजन गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने लोक संस्कृति को जीवंत करते हुए पारंपरिक लोक गायन तथा कृष्ण और राम के जीवन पर आधारित भजन प्रस्तुत किए।विशिष्ट अतिथि श्री राम विलास कुशवाहा, हिंदी ग्रंथ अकादमी भोपाल, ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रत्येक आयोजन की शुरुआत गणेश वंदना से होती है। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लोक संस्कृति न केवल सराहनीय है, बल्कि यह पीढ़ियों को जोड़ने का कार्य भी कर रही है।कार्यक्रम संयोजक प्रो. अरुण शुक्ला ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी लोक संस्कृति को बनाए रखने और उससे जुड़े रहने के लिए प्रेरणा लें।प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृति हमारी धरोहर है और विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों से यह स्पष्ट किया है कि वे इस धरोहर से गहराई से जुड़े हुए हैं। यही धरोहर उनके उज्जवल भविष्य की आधारशिला बनेगी।कार्यक्रम में डॉ. मीनाक्षी मरावी ने छत्तीसगढ़ी राज्य गीत प्रस्तुत किया, वहीं आराधना शर्मा, अंकिता रजक, त्रिभुवन सिंह, रिया मिश्रा, शताक्षी ने आल्हा गायन एवं भजन की शानदार प्रस्तुति दी।इस अवसर पर डॉ. ज्योति जुनगरे, डॉ. रितु रानी, डॉ. मानवेंद्र सिंह, डॉ. महेंद्र कुशवाहा, डॉ. सुनीता सिंह, डॉ. नीलिमा, डॉ. राहुल झरिया, डॉ. इरफान उस्मानी सहित अनेक प्राध्यापक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन डॉ. लल्ला बाई लोधी ने किया।



