जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेशसिहोरा दर्पण

किसानों के अरमानों में फिर गया पानी

रमेश कुमार बर्मन सिहोरा ब्यूरो कुम्ही सतधारा से। खेतों में गेहूं की फसल पसरी तो किसानों के अरमानों में  फिर गया पानी।  बेमौसम की बारिश चैत्र माह के उस समय हो रही है। जब मसूर – बटरी – चना – गेहूं सहित अन्य फसल पक कर पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। एक दिन की बारिश के साथ आंधी तूफान और ओले की गिरने से फसल खराब होने की आशंका को लेकर किसान मानसिक रूप से परेशान दिखाई देने लगा है। 

सिहोरा क्षेत्र के कुम्ही सतधारा -सहित गांव खिरहनी – सचुली – सिंगुली- भटली – लमतारा – देवरी – कुकर्रा- हरदी- कचनारी- महगवां- पड़रिया- सहित 84 गांव में 19 मार्च दिन गुरुवार को सुबह से बारिश के साथ आंधी तूफान और कुछ गांवों में चनाबराबर ओले बरसे। दलहनी फसलें मसूर- बटरी- चना में पानी पढ़ते ही फसलें काली हो जाती है। गेंहूं की फसल मैं पानी व तेज हवा के चलने से गेहूं जमीन मैं गिरकर लेट जाता है। जिस कारण गेंहूं का बीज छोटा और काला हो जाता है। यही कारण है कि किसानों की फसल कमजोर हो कर उपज बहुत कम हो जाती है। क्षेत्र के सभी किसानों मैं चिंता की लकीर दिखाई दे रही है।

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