जबलपुर दर्पण

मिडास हॉस्पिटल के टीम ने एंडोस्कोपी सर्जरी से रेज़र ब्लेड निकालकर मरीज की जान बचाई

जबलपुर दर्पण । मिडास हॉस्पिटल के सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सौरभ मुकेवार तथा उनकी विशेषज्ञ टीम ने मिलकर एक मरीज जटिल एंडोस्कोपिक सर्जरी सफलतापूर्वक की। इस सर्जरी में मरीज की अन्ननली (इसोफैगस) में फंसा हुआ रेज़र ब्लेड निकाला गया। मरीज ने यह रेज़र ब्लेड इलाज के लिए आने से लगभग दो हफ्ते पहले निगल लिया था।
15 वर्षों से स्किज़ोफ्रेनिया से पीड़ित एक 40 वर्षीय पुरुष मरीज को लगभग एक सप्ताह से भोजन निगलने में कठिनाई की शिकायत के साथ मिडास अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एंडोस्कोपी से जाँच के बाद मरीज की अन्ननली में एक पूरी मोटाई का छिद्र (फुल-थिकनेस पर्फोरेशन) पाया गया।
डॉ. मुकेवार और एंडोस्कोपी टीम ने 8 मार्च को एक नाजुक सर्जरी की। इस सर्जरी में एंडोस्कोप को भोजन नली में डालकर रेज़र ब्लेड को सावधानीपूर्वक निकाला गया, जो मरीज के शरीर में दो सप्ताह से अधिक समय तक था। ब्लेड पूरी तरह से अन्ननली से बाहर निकाला गया और अन्ननली के छेद को मेटल स्टेंट से बंद कर दिया गया ।
मरीज की मानसिक स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटलने बहुआयामी उपचार पद्धति अपनाई, जिसमें मनोचिकित्सक (साइकेट्रिस्ट) की सलाह भी ली गई। मानसिक स्वास्थ्य जांच में पता चला कि मरीज को गलत भास, उत्पीड़न संबंधी भ्रांतियां (डिल्यूजन), आवाजें सुनाई देना (ऑडिटरी हैल्युसिनेशन) और सायकोटिक डिप्रेशन की समस्या है। डॉक्टरों के अनुसार मरीज ने रेज़र ब्लेड आत्महत्या के इरादे से नहीं बल्कि सुनाई देने वाले भ्रमों के कारण निगल लिया था।
डॉ. सौरभ मुकेवार ने कहा, “इस केस में कई जटिल चुनौतियाँ थीं, जिनमें रेज़र ब्लेड से हुई शारीरिक चोट का इलाज करना और मरीज को सही मानसिक स्वास्थ्य उपचार देना शामिल था। हमारी टीम के संयुक्त प्रयासों की वजह से हम रेज़र ब्लेड को सफलतापूर्वक अन्ननली से निकाल सके और मरीज के संपूर्ण स्वास्थ्य की देखभाल भी कर पाए।”
मरीज ने उपचार का अच्छा असर दिखाया है और अब वह सामान्य रूप से मुँह से खाना खा सकता है। उसे स्थिर हालत में हॉस्पिटलसे छुट्टी दे दी गई है और आगे भी उसका सही तरीके से इलाज जारी रहेगा।
मिडास हॉस्पिटल के बारे में
मिडास हॉस्पिटल नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों और मरीजों के प्रति संवेदनशील देखभाल के माध्यम से उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। अत्याधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ मिडास हॉस्पिटल हमेशा चिकित्सा उत्कृष्टता और मरीज-केंद्रित इलाज का मानक स्थापित करता आया है। नागपुर और मध्य भारत में अग्रणी हेल्थकेयर प्रदाता के रूप में मिडास हॉस्पिटल उत्कृष्ट मरीज देखभाल और चिकित्सा नवाचार के लिए जाना जाता है। हमारे अनुभवी डॉक्टर और आधुनिक सुविधाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि मरीजों को सर्वोत्तम उपचार मिलें। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी के क्षेत्र में 40 से अधिक वर्षों की उत्कृष्टता की परंपरा निभाने के बाद अब हम कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, आर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, स्पाइन सर्जरी, सायकेट्री, ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट रिप्लेसमेंट, गायनोकोलॉजी, ईएनटी, डर्मेटोलॉजी जैसी कई सुपर स्पेशियलिटीज़ शुरू कर रहे हैं। साथ ही मध्य भारत के मरीजों के लिए जीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया गया है। इससे मरीज निश्चिंत हो सकते हैं कि उनकी सभी चिकित्सा ज़रूरतें मिडास हॉस्पिटल में एक ही छत के नीचे पूरी होंगी। हाल ही में हमने नागपुर के वर्धा रोड पर 168 बेड्स वाला एक नया मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल शुरू किया है। यह हॉस्पिटल अत्याधुनिक सुविधाएं और नवीनतम तकनीक से सुसज्जित है, जहाँ एक ही जगह पर संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हैं। यहाँ लीवर और किडनी प्रत्यारोपण जैसी उच्च स्तरीय ट्रांसप्लांट सेवाएँ भी दी उपलब्ध हैं।”

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