पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने सौपा ज्ञापन

जबलपुर दर्पण । संयुक्त पिछड़ा वर्ग मोर्चा एवं आवाक्स ने अम्बेडकर चौक पर प्रदर्शन कर, राष्ट्रपति के नाम 4 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौपा। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधिपति बीआर गवई के समक्ष अधिवक्ता राकेश किशोर द्वारा जूता फेंकने की घटना इसके बड़े षडयंत्र का परिचायक है, जो कि दलित वर्ग के सीजेआई के बहाने भारतीय संविधान को कलंकित किया गया हैं। उन पर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाये। लद्दाख के गांधीवादी मानव अधिकार कार्यकर्ता सोनम बाग़चुंक को जो आदिवासी समाज से हैं और बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं, उनको तुरंत रिहा किया जाए। ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा द्वारा बाबा साहब अम्बेडकर को अपशब्द गाली गलौज करने पर धारा 153 ए के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाए। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के द्वारा 27 प्रतिशत आरक्षण पर बयान देने के कारण मनुवादी फर्जी संत आनंद स्वरूप द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे हैं जिससे समस्त ओबीसी समाज,बहुजन समाज में आक्रोश है।संवैधानिक पद पर बैठे हुए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। इस अवसर पर देवेश चौधरी, रामरतन यादव, डॉ घनश्याम यादव, शिवनाथ चौधरी आलम, बैजनाथ कुशवाहा, डॉ बालमुकुंद यादव, वृंदावन वर्मा, तरुण रोहितास, धर्मेन्द्र कुशवाहा, धूमन सिंह यादव, मनोज वाघमारे, अनोखेलाल प्रजा, रज्जन यादव, रामकिशोर शिवहरे, शैलेश लोधी, कैलाश यादव, एडवोकेट ओपी यादव, एडवोकेट गया प्रसाद कुशवाहा ,जितेंद्र यादव, घनश्याम चक्रवर्ती, अशोक यादव, राकेश श्रीवास, मुरारी लाल चक्रवर्ती, सुंदर बाबा, अमित पांडे, अमरजीत सिंह सग्गू, कैलाश यादव, दयालचंद यादव, मेहंदी हसन, नीलचंद यादव, आरती ठाकुर, विजय यादव, मुरली लाल चक्रवर्ती, बृजनंदन कुशवाहा, रमेश रजक, दीपक वर्मा, कन्हैया कोस्टा, कमलेश धपोड़कर, बालकिशन दाहिया, जे ए रामटेके, डा माणकलाल जाटव, मुरारी चक्रवर्ती, सी एस सिरसाठ, जीवन जाटव,दीपक चौधरी, डेनियल इब्राहिम, भरत कोरी, संतोष मराठा, प्रशांत बागड़े, चंद्रकला वासनिक, सुनंदा बसोंनकर, सम्यक बौद्ध, सुरेश वैद्य आदि उपस्थित रहे।


