हिंदू-मुस्लिम धर्मालंबियों ने पेश की चादरें शरीफ

जबलपुर दर्पण । मदन महल पहाड़ी पर स्थित हज़रत पीराने पीर की दरगाह में ग्यारहवीं शरीफ के तीसरे उर्स मेले का आयोजन अकीदत और मोहब्बत के माहौल में किया गया। इस मौके पर सैकड़ों की तादाद में जायरीन और अकीदतमंदों ने हाज़िरी पेश की। दरगाह शरीफ में बड़ी संख्या में लोगों ने चादरें और निशान शरीफ पेश कर दुआएं मांगीं। नजरें-नियाज पेश की गईं और लंगर का आयोजन कर सभी में तक़सीम किया गया। हिंदू धर्मालंबियों ने भी बड़ी संख्या में दरगाह पहुंचकर सलामी पेश की और अपनी मन्नतें मांगीं। दरगाह परिसर में मुरीदों और मुजावरों की आमद दिनभर बनी रही। अपरान्ह जुहर की नमाज़ के बाद मुतवल्ली सैय्यद कादिर अली क़ादरी की सदारत में आयोजित जल्सए गौसिया में सज्जादानशीन बासित अली क़ादरी ने नात शरीफ और मनकबत पाक पेश की। कार्यक्रम में सज्जादानशीन मुबारक कादरी, निज़ाम कादरी, आफताब कादरी, आबिद कादरी, इनायत कादरी और इदरीस कादरी, अफजल कादरी ने हाज़रीन की दस्तारबंदी कर इस्तकबाल किया। इस दौरान मुहम्मद अली राजा, असगर कादरी और शराफत कादरी, आशु कादरी ने तबरुक पेश किया। सायंकाल मग़रिब की नमाज़ के बाद सलातो-सलाम पेश किया गया। सज्जादानशीन इनायत कादरी ने बताया कि आगामी 16 अक्टूबर (जुमेरात) को ग्यारहवीं शरीफ के आखिरी मेले का आयोजन बड़े एहतेमाम के साथ किया जाएगा। इस अवसर पर बाद नमाज जुहर सूफी संत सम्मेलन का भी आयोजन होगा।



