मध्य प्रदेश में पहली बार तीन दिन की बच्ची को एयरलिफ्ट कर भेजा गया मुंबई

जबलपुर दर्पण । मध्य प्रदेश में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का एक अद्भुत उदाहरण सामने आया, जब केवल तीन दिन की नवजात बच्ची को मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस की मदद से जबलपुर से मुंबई एयरलिफ्ट किया गया। बच्ची के दिल में छेद पाए जाने के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत आवश्यक कदम उठाए और छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलकर प्रक्रिया पूरी की।
जानकारी के अनुसार, जबलपुर जिले के सिहोरा निवासी सत्येंद्र दाहिया की पत्नी शशि दाहिया ने सोमवार दोपहर जुड़वा बच्चों — एक लड़का और एक लड़की — को जन्म दिया था। चिकित्सकों द्वारा जांच के दौरान पाया गया कि लड़का पूरी तरह स्वस्थ है, लेकिन बच्ची के हृदय में छेद (होल इन हार्ट) है, जिससे उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने तत्काल मुंबई में इलाज कराने की सलाह दी।
परिवार की आर्थिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए, जब उन्हें ज्ञात हुआ कि गुरु नानक जयंती के कारण सरकारी अवकाश है, उनकी चिंता और बढ़ गई। इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा के नेतृत्व में मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए त्वरित कदम उठाया।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के जिला प्रबंधक श्री सुभाष शुक्ला की देखरेख में छुट्टी के दिन विभाग का कार्यालय खोला गया, और कुछ ही घंटों में सहायता हेतु आवश्यक सभी दस्तावेज तैयार किए गए। तत्पश्चात, मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई।
6 नवंबर 2025, गुरुवार दोपहर 1 बजे, मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस जबलपुर डुमना एयरपोर्ट पहुंची। स्वास्थ्य अधिकारियों और परिजनों की मौजूदगी में 2:20 बजे बच्ची को मुंबई के नारायण हृदयालय के लिए रवाना किया गया। बच्ची के साथ पिता सत्येंद्र दाहिया और स्वास्थ्य विभाग का एक दल भी गया। मुंबई पहुंचते ही बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया गया।
इस अवसर पर सिहोरा विधायक श्री संतोष बरकड़े, सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विनीता उप्पल, जिला प्रबंधक आरबीएसके श्री सुभाष शुक्ला एवं सुश्री श्रीया अवस्थी उपस्थित रहे।
विधायक श्री संतोष बरकड़े ने कहा —
“मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से धन्यवाद करता हूं। उनकी संवेदनशील योजनाओं के कारण आज यह नवजात बच्ची जीवन का दूसरा अवसर पा सकी है। यह सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों की सच्ची झलक है।”
वहीं बच्ची के पिता सत्येंद्र दाहिया ने भावुक होकर कहा —
“हम स्वास्थ्य विभाग के आभारी हैं, जिन्होंने छुट्टी के दिन भी कार्यालय खोलकर हमारे बच्चे की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा हमारे लिए वरदान साबित हुई।”
यह पहला अवसर है जब मध्य प्रदेश से केवल तीन दिन की बच्ची को एयर एंबुलेंस के जरिये इलाज के लिए मुंबई भेजा गया, जो प्रदेश के स्वास्थ्य तंत्र की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का प्रतीक बन गया।



