न्यायोत्सव अभियान के तहत चित्रकला–रंगोली प्रतियोगिता एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । न्यायोत्सव विधिक सेवा सप्ताह–2025 के अंतर्गत जबलपुर जिले में विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 14 नवंबर 2025 को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिहोरा तथा शासकीय शाला मझगवा में रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का संचालन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन तथा सचिव श्रीमती शक्ति वर्मा के नेतृत्व में किया गया।
नागरिकों को विधिक अधिकारों और महिला सुरक्षा पर विस्तृत जानकारी
इस अवसर पर श्रीमती शक्ति वर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों, नागरिकों और अभिभावकों को कानूनी अधिकारों, न्याय तक पहुंच और निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने “घरेलू हिंसा से महिला का संरक्षण अधिनियम” पर विस्तार से बताते हुए कहा कि घरेलू हिंसा शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक रूपों में हो सकती है और यह महिलाओं तथा बच्चों के लिए अत्यंत हानिकारक है।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि घरेलू हिंसा की स्थिति में तुरंत सहायता लें, हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें या नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
साइबर क्राइम से बचाव के उपाय बताए
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर जागरूक करते हुए श्रीमती वर्मा ने ऑनलाइन ठगी, पहचान चोरी, फेक न्यूज, और डिजिटल फ्रॉड जैसे मामलों के उदाहरण दिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षित पासवर्ड, निजी जानकारी साझा न करना और संदिग्ध लिंक से दूरी बनाना डिजिटल सुरक्षा के मूल उपाय हैं।
14 नवंबर को आयोजित कार्यक्रम में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिहोरा श्री अजय उईके, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी खालिदा तनवीर तथा शासकीय कन्या शाला प्राचार्य बी.एस. परस्ते ने भी विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया।
प्रतियोगिताएँ और विधिक परामर्श
निबंध, चित्रकला एवं रंगोली प्रतियोगिता के दौरान पैरालीगल वॉलेंटियर्स (पी.एल.वी.) द्वारा उपस्थित नागरिकों को व्यक्तिगत विधिक परामर्श दिया गया। साथ ही, उन्हें विभिन्न कानूनी योजनाओं से जोड़ने हेतु सहायता डेस्क भी स्थापित की गई।
प्राधिकरण द्वारा यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर या अन्य कारणों से न्याय प्राप्त करने में असमर्थ व्यक्तियों को सर्वोच्च न्यायालय से लेकर तहसील स्तर तक निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध है। नालसा टोल-फ्री नंबर 15100 या नालसा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।
कार्यक्रम में सक्रिय योगदान
कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएलवी रविशंकर बाल्मिकी, संजीव श्रीवास, राजेश कुमार पटेल, आशुतोष तिवारी सहित शासकीय कन्या विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ और छात्राओं का विशेष सहयोग रहा।


