परिवहन के दौरान ट्रक से गिरती रहीं समर्थन मूल्य की धान की बोरियां, सूचना के बाद भी मौके पर नहीं पहुंचे जिम्मेदार अधिकारी

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले में जहां एक ओर जनवरी माह में समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की उपज का भुगतान अब तक कई किसानों को नहीं मिल पाया है, वहीं दूसरी ओर धान के परिवहन में भारी लापरवाही सामने आ रही है। ताजा मामला मझौली–सिहोरा सड़क मार्ग के देवरी पीपल क्षेत्र का है, जहां शुक्रवार शाम लगभग 6 बजे परिवहन कर ले जा रहे एक ओवरलोड ट्रक से धान की बोरियां सड़क किनारे गिर गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही ट्रक देवरी पीपल के पास पहुंचा, उसी दौरान धान से भरी बोरियां सड़क पर गिर पड़ीं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों की भीड़ मौके पर एकत्रित हो गई। सड़क पर पड़ी धान की बोरियां लंबे समय तक यूं ही पड़ी रहीं, जिससे चोरी या गड़बड़ी की आशंका भी बनी रही। घटना की जानकारी थाना प्रभारी मझौली, एसडीएम सिहोरा, जिला कलेक्टर एवं खाद्य नियंत्रक अधिकारी को मीडिया प्रतिनिधि द्वारा फोन के माध्यम से दी गई, लेकिन सूचना के आधे घंटे बाद तक भी कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।धान की बोरियों पर लगे टैग से स्पष्ट है कि यह धान समर्थन मूल्य पर खरीदी गई थी। बोरियों पर वृत्ताकार सरकारी समिति मर्यादित खांड, केन्द्र क्रमांक-1 एवं उपार्जन केंद्र कोड 2333029 अंकित पाया गया। सूचना के बावजूद प्रशासनिक अमले की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। क्या जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों से पीछे हट रहे हैं, या फिर धान परिवहन में हो रही अनियमितताओं को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है? इससे यह भी आशंका गहराती है कि इस तरह की घटनाओं में कहीं न कहीं मिलीभगत तो नहीं है। अब बड़ा सवाल यह है कि ऐसी कितनी धान की बोरियां परिवहन के दौरान गिरती या गायब होती होंगी, जिन पर कभी ध्यान ही नहीं दिया जाता। जिम्मेदारी के पदों पर बैठे अधिकारियों को इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि किसानों के हक की उपज सुरक्षित रह सके।



