जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम अंतर्गत, कृषि विज्ञान केंद्र में क्रेता-विक्रेता की बैठक आयोजित

डिंडौरी, जबलपुर दर्पण ब्यूरो। जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम अंतर्गत, कृषि विज्ञान केंद्र में क्रेता-विक्रेता की बैठक आयोजित की गई है। बताया गया कि बोरलॉग इंस्टीट्यूट फॉर साउथ एशिया (BISA) के जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के तहत यहां कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), डिंडोरी में क्रेता-विक्रेता बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, मंडी व्यापारियों से उनकी समस्याओं को सुनना और उन्हें डायरेक्ट मार्केट से जोड़ना था। बैठक में मंडी के व्यापारियों और किसानों के बीच खुली चर्चा हुई, जहां किसानों ने अपनी फसलों की बिक्री में आने वाली चुनौतियों, मूल्य निर्धारण, परिवहन और गुणवत्ता संबंधी मुद्दों को रखा। व्यापारियों ने भी अपनी मांगें और सुझाव साझा किए, जिससे दोनों पक्षों के बीच बेहतर समझ विकसित हुई। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को क्लाइमेट रेसिलिएंट (जलवायु अनुकूल) बीज, तकनीक और बाजार लिंकेज प्रदान करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दिव्यांशु चौधरी, कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी डॉ. के.के. देशमुख, BISA -जबलपुर प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर डॉ. पंकज कुमार, आत्मा परियोजना सहायक संचालक नेहा धुरिया, मंडी सहायक सचिव प्रीति झारिया, सहायक कृषि अभियंता पामेश भगत, संचालकKVK वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अम्बुलकर, BISA तकनीकी अधिकारी चंदन कुमार, BISA तकनीकी अधिकारी मनीष भारद्वाज। BISA के प्रतिनिधियों ने जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए अनुकूल कृषि पद्धतियों पर प्रकाश डाला। बैठक में किसान कल्याण वर्ष 2026 के संदर्भ में भी चर्चा हुई, जो मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के उत्थान के लिए समर्पित है। प्रतिभागी किसानों ने कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें सीधे खरीदारों से जुड़ने का मौका मिला, जो उनकी आय बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा। यह बैठक जलवायु अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


