महाविद्यालयीन प्राध्यापकों ने दी आंदोलन की चेतावनी, 1 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

जबलपुर दर्पण । शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 7 जून 2026 को प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ की साधारण सभा आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों की लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
सभा में वर्ष 2004 एवं 2005 में नियुक्त बैकलॉग सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि नियुक्ति तिथि से दो वर्ष पूर्ण होने पर समाप्त मानकर उन्हें कैरियर पदोन्नति का लाभ देने की मांग उठाई गई। इसके साथ ही क्रीड़ा अधिकारियों एवं ग्रंथपालों को शिक्षक पदनाम तथा पे-मैट्रिक्स-14 का लाभ प्रदान करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।
शिक्षकों ने वर्ष 2017 में नियुक्त सहायक प्राध्यापकों को समय पर कैरियर प्रोन्नति का लाभ देने तथा वर्ष 2003, 2011 और 2017 की भर्ती परीक्षाओं से संबंधित शेष प्रक्रियाओं को शीघ्र पूर्ण करने की मांग की। बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षकों के स्वत्वों का तत्काल भुगतान तथा सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के अनुसार प्रत्येक तीन माह में परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इन मांगों के निराकरण के लिए शासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि 30 जून 2026 तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 1 जुलाई से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के प्रथम चरण में 15 जुलाई तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे।
आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने और इसके संचालन के लिए राज्य स्तरीय संघर्ष समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विभागीय निष्क्रियता और लंबित मामलों के कारण शिक्षकों में गहरा असंतोष व्याप्त है, जिसके चलते अब आंदोलन का रास्ता अपनाना आवश्यक हो गया है।



