ईपीएफओ पेंशन 1,000 से बढ़ाकर 7,500 रुपये करने की मांग

जबलपुर दर्पण । महाकौशल जनप्रतिनिधि विचार मंच ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत निजी एवं अर्धशासकीय कर्मचारियों को मिलने वाली न्यूनतम 1,000 रुपये मासिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये किए जाने की मांग उठाई है। इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय श्रम आयुक्त, संभागायुक्त एवं कलेक्टर जबलपुर को ज्ञापन प्रेषित किया गया है। मंच के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विजय कांडा तथा वरिष्ठ समाजसेवी रूपलाल यादव ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वर्तमान महंगाई के दौर में 1,000 रुपये मासिक पेंशन कर्मचारियों के जीवन-यापन के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारें नागरिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही हैं, लेकिन निजी एवं अर्धशासकीय क्षेत्र के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन राशि वर्षों से अपरिवर्तित बनी हुई है। मंच ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी संस्थान कर्मचारियों से कार्य तो कराते हैं, लेकिन उनका भविष्य निधि अंशदान समय पर जमा नहीं करते, जिससे कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होता है। संगठन ने ऐसी कंपनियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में ईपीएफओ पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 7,500 रुपये प्रतिमाह करने तथा कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की गई है। इस मांग का समर्थन महाकौशल जनप्रतिनिधि विचार मंच के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया, जिनमें विजय कांडा, राजेंद्र चौधरी, रूपलाल यादव, दीपक सिंह राजपूत, पिंकी ठाकुर, सरोज कांडा, दलवीर सिंह जस्सल, राजेश पटेल, उमेंद्र सिंह, आशीष यादव और सुरेश हिरस्कर सहित अन्य लोग शामिल रहे।



