जबलपुर दर्पण

ग्रामीण क्षेत्रों की सड़के, दलदल, गढ्ढों में नज़र आ रहीं, बारिश में हालात खराब,ग्राम विकास सड़क योजनाओं का जिम्मेदार कौन

कई वर्षों से नहीं बनीं ग्रामीण पंचायतों की सड़के, जनप्रतिनिधि भी विकास को लेकर क्यों हैं पीछे बड़ा सवाल?

मनीष श्रीवास जबलपुर दर्पण । जबलपुर जिले की संसदीय क्षेत्र में इन दिनों काफ़ी चर्चा और विकास दोनों आपने सामने नज़र आ रहे हैं। क्या वास्तव में पूर्व में इन ग्रामीण क्षेत्रों को विकास और सड़कों को उपलब्धता हासिल हुई हैं। या यू कन्हे कि विकास ही कभी और चला गया हैं।
हम बात कर रहे हैं जबलपुर जिले की सबसे दो प्रिय ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों की। पहली विधानसभा 102 सिहोरा जिसके अंतर्गत ब्लॉक मुख्यालय जनपद पंचायत सिहोरा की जिसमें ग्राम बेला, ग्राम बड़ा सरदा, ग्राम कुम्ही सत्धारा से लगे हुए गांवों की। जिन्हें विगत 20 वर्षों से अधिक समय निकल जाने के बाद भी इन गांवों के आवागमन रास्ते पर सड़के आज तक नहीं बनाई गई। देखा जाए तो बारिश के समय में इन गांवों में बड़ी कठिनाई और मुश्किलें भरे समय से गुजरना पड़ता हैं। बारिश के समय अगर कोई बीमार हो जाए तो एम्बुलेंस गांव नहीं जा सकती, कच्ची सड़कों में कीचड़ दलदल और बड़े बड़े गढ्ढों से मोटर साइकिल भी निकालना मुश्किल हो जाता हैं। आज के वर्तमान समय जहां विकास प्रगति ओर बढ़ रहा हैं। वहीं दूसरी ओर ये झलकती हुई तस्वीरें कुछ और बयान कर रहीं हैं। मंत्री, सांसद, विधायक, ग्राम पंचायतों के सचिवों को लिखित आवेदन और डिमांड आवेदन प्रस्तुत करने के बाद भी आज तक इन गांवों को सड़के नसीब नहीं हो पाई हैं। 500 मीटर सड़क निर्माण के लिऐ बेला ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शान्ति रामराज पटेल द्वारा लिखित रूप से आवेदन माननीय सांसद को दो माह पूर्व दिए जाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई हैं। यहीं हालात ग्राम पंचायत हरगढ़ अंतर्गत बड़े सरदा के हैं स्थानीय विधायक से लेकर जनपद पंचायत कार्यपालन अधिकारी को लिखित रूप से आवेदन देने और डिमांड होने के बाद भी हालात जस के तस हैं। पिछली बारिश में ग्राम बड़े सरदा में सड़क कीचड़ दलदल और गड्ढे होने के कारण एक जच्चा बच्चा महिलाओं एम्बुलेंस के लिऐ संपर्क किया गया था। लेकिन गांव तक सड़क सही न होने के कारण उसे अस्पताल नहीं लेजाया जा सका और उस महिला की मृत्यु हो गई थीं।

दूसरी विधानसभा पाटन जनपद पंचायत मझौली – जिले की मझौली जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत तलाड के ग्राम डूंगरिया रोड के संबंध में कुछ दिन पहले जनपद सीईओ को मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन दिए थे। लेकिन आज दिनांक तक इस रोड के संबंध में शासन प्रशासन ने अभी तक कोई निराकरण नहीं किया है । हम सब समस्त ग्राम वासियों ने जिला शासन प्रशासन को जगाना चाहेंगे क्योंकि जनता का अधिकार ही छीन रही है यह मध्य प्रदेश सरकार। क्या अब इन जनप्रतिनिधियो का इस समस्याओं के निदान करने की कोई जवाबदेही नहीं बनती हैं।

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