बिजली उपभोक्ताओं को रियायत के नाम पर कुछ भी नहीं, सिर्फ शिवराज सरकार की आंकड़ों की बाजीगरी?

जबलपुर।करोना महामारी के कारण देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। लाग डाउन होने से संगठित असंगठित मजदूरों के काम धंधा पूरी तरह से बंद हैं ।मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि आज की जरूरत के के अनुसार कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से मांग की गई थी। कि उपभोक्ताओं को छूट प्रदान करते हुए उनके 3 माह के बिजली के बिल पूरी तरह से माफ किए जाएं।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि मांग के विपरीत अजीबोगरीब निर्णय लिया गया कि किसी के इतने आए तो इतने भरना ,इतने आए तो उतने भरना बाकी हम जांच करेंगे उद्योग मांग कर रहे थे कि लाकडाउन
की अवधि मैं उनकी फिक्स चार्ज से लेकर न्यूनतम यूनिट चार्ज ,लाइन लासचार्ज, विलंब चार्ज सहित अन्य चार्ज से सरकार उन्हें छूट प्रदान करें ।जितनी खपत उतना बिल प्रदान करें। लेकिन निर्णय सभी चारजो में छूट का नहीं, सिर्फ फिक्स चार्ज की वसूली स्थगित का लिया गया । जोबाद में भरना पड़ेगा।गरीब छोटे व्यवसायी ,प्रवासी मजदूर,को एकमुश्त 10 हजार के राहत पैकेज की मांग कर रहे थे? इसके विपरित निर्णय लिया गया कि मजदूरों का पंजीयन होगा। छोटे व्यवसायियो को10 हजार तक का कर्ज बैंक से दिलाया जाएगा। जब इस महामारी में काम नहीं, आमदनी नहीं, खाने को नहीं, तो कर्ज कहां से भरेगा।



