मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के द्वारा मूँग पजीयन का किया शुभारंभ

जबलपुर दर्पण संवाददाता/राजेश सिंह की रिपोर्ट । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा प्रदेश के किसानो की समर्थन मूल्य पर मूँग खरीदी का जो निर्णय लिया है, वह सहरनीय है। इससे प्रदेश के 25 जिले के 65000 हजार किसानों को लाभ मिलेगा अभी लगभग सभी जिलो मे मूँग का भाव 5000 हजार से 5500 सौ रुपये के आस पास था जैसे ही सरकार ने मूँग खरीदी का समर्थन मूल्य 7196 रुपये की घोषणा की, वैसे ही अनाज मंडियों में मूँग खरीदी मे उछाल आ गया है। अभी प्रदेश मे लगभग 4 लाख 77 हजार हेक्टेयर मे मूँग की फसल की बोनी प्रदेश के किसानो द्वारा की गई है। इस बार 6 लाख 56 हजार मेट्रिक टन मूँग की पैदाबार होने की संभावना है। कृषि विभाग के द्वारा प्रदेश के 10 लाख किसानो को कार्यक्रम मे जुड़ने के लिये SMS भेजा गया था, एवं कार्यक्रम मे 6 जिले के किसानो से मुख्यमंत्री ने विडीयो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा बात की जिसमे होशंगाबाद के किसान राम भरोसे, हरदा के किसान ललित पटेल, सीहोर के किसान सुनील, नसरुल्लागंज के किसान मनीष, देवास के किसान नर्मदा प्रसाद से बात की गई सभी किसानों ने प्रदेश में पहली बार समर्थन मूल्य पर की जा रही मूंग की खरीद के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया, मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों से अपील की है। प्रदेश के किसान भाइयों आपको बिल्कुल भी हर बढ़ाने की जरूरत नहीं है। यह खरीदी 90 दिन तक चलेगी उन्होंने किसानों से अनुरोध किया है बारिश का समय है। आप अपनी फसल को गीला ना होने दें एवं हम भी खरीदी केंद्रों जहाँ पर टीन शेड है वहा पर समुचित व्यवस्था करने का प्रयास कर रहे हैं। जिससे आपकी एवं सरकार द्वारा खरीदी फसल खराब ना हो इसके के लिए संबंधित अधिकारियों को मुख्यमंत्री के द्वारा जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त ए के सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव के द्वारा प्रदेश के सभी अधिकारियों को मूंग खरीदी हेतु जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
सरकार के द्वारा 8 जून से समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पंजीयन का शुभारंभ मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया, जबलपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र पाटन, शहपुरा, मझोली, सिहोरा, पनागर ,बरेला के किसान अपने सोसाइटी केंद्रों से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इस बार इन सभी क्षेत्रों में अत्याधिक मूंग की बोनी किसानो के द्वारा की गई है। इस बार जबलपुर जिले मे मूँग की अच्छी पैदावार होने की संभावना है।



