यूरिया का कृत्रिम संकट

दैनिक जबलपुर दर्पण संवाददाता योगेंद्र मिश्रा अमरपाटन
एक तरफ तो मध्य प्रदेश शासन का कहना है कि किसानो को यूरिया खाद का संकट नही आने देगे बही दुसरी ओर यूरिया संकट का कृत्रिम अभाव पैदा कर किसानो को निर्धारित दर न देकर यूरिया खाद पांच सौ रूपये प्रति वोरी खाद दे रहे है किसानो की मजबूरी है कि किसी तरह से अपने सामनो की बिक्री कर उची दर पर खाद लेने को मजबूर हो रहे है यह गोरख धंधा कृषि विभाग अमरपाटन के एस डी ओ राजीव निगम के सह पर चल रहा है अगर यह देखा जाए की खाद विक्रेता के द्वारा अपने अपने कई गोदामो पर यूरिया खाद रखे हुए है लेकिन खाद की कमी वताकर उची दर पर खाद की बिक्री कर रहे है इस संबंध में ना तो सतना के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं इसकी वजह चाहे जो भी हो लेकिन इतना जरूर है कि कृषि विभाग के सह के उची दर पर खाद बेची जा रही है क्या संबंधित अधिकारी मौन साधे रहेगे या इन खाद विक्रेता के द्वारा किसानो के जेब पर किसी प्रकार से डांका डालते रहेंगे यहाँ तक की इनके यहा कीटनाशक दवाई की बिक्री करते है अमरपाटन मे है तो कई दुकान लेकिन लायसेंस केवल गिने चुने लोगो का है यदि सही ढंग से यूरिया खाद के संबंध में जांच की जाए तो अमरपाटन मे गोदाम में करोडों रूपये की यूरिया खाद मिल सकती है ।



