“चाइनीज़ रैड मनी” से रिटेल सेक्टर को खतरा

जबलपुर. चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के चेयरमेन प्रेम दुबे ने कहा कि चाइना अपनी मनी मसल पॉवर से भारतीय रिटेल सेक्टर को खत्म करने उतरा है। यदि सरकार ने गंभीरतापूर्वक ध्यान नही दिया तो अगले एक वर्ष में 40 प्रतिशत रिटेल दुकाने बंद होने की संभावना है। भारत पिछले 6 माह से कोरोना की महामारी से संघर्ष कर रहा है, वहीं चाइना ने कई बिलियन डॉलर दूसरे देशों की कम्पनियों के माध्यम से भारतीय ऑनलाईन ऐप रिटेल इंडस्ट्री में डाले हैं, भारत के चार बड़े ऐप रिटेल कम्पनियों में यह पैसा विदेशों से आया है। यह लगभग 40 अरब अमेरिकी डॉलर है। आने वाले त्यौहारी सीज़न में कम्पनियां बिग डिस्काउंट सेल ला रही हैं जिनमें 40 से 70 प्रतिशत तक का डिस्काउंट ऑफर होगा। ये सभी कम्पनियां विगत तीन वर्षों से बड़े घाटे में चल रही हैं। “चाइनीज़ रैड मनी” इन कम्पनियों में पूर्णतः कब्जा जमा चुकी है। घाटे में माल बेच पहले भारतीय रिटेल और उद्योगों को नष्ट किया जायेगा। छोटा दुकानदार इतने कम कीमत में समान नही बेच पायेगा तो वह अपनी दुकाने बंद कर देगा, लाखों लोगों को रोजगार देने वाला रिटेल सेक्टर समाप्त होने की कगार में हैं। जबलपुर चेम्बर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हिमाँशु खरे ने कहा कि इन ऑनलाईन कम्पनियों की जांच की जाए कि ये इतने बड़े घाटे के बाद भी विदेशों से कैसे इतनी बड़ी धनराशि प्राप्त कर रहीं हैं। भारतीय सेना के जवान सीमा में शहीद हो रहे हैं वहीं चाइनीज चाल से भारतीय व्यापारी अपनी दुकानों में शहीद हो रहा है, जबलपुर चेम्बर के राधेश्याम अग्रवाल, मंजीत सिंह छाबड़ा, घनश्याम गुप्ता, रजनीश त्रिवेदी, अजय बख्तावार, नरिंदर सिंह पांधे, अरुण पवार, मनोज सेठ, दीपक सेठी, शशिकांत पांडेय आदि ने सरकार से मांग है कि इन ऑनलाईन कम्पनियों की जांच की जाये कि ये इतने बड़े घाटे के बाद भी विदेशों से कैसे इतनी बड़ी धनराशि प्राप्त कर रहीं हैं। इनका चाइनीज स्त्रोत से आ रहा पैसा रोका जाये। ताकि रिटेल व्यवसाय को बचाया सके।



