समनापुर महिला बाल विकास का मामला गरमाया

जांच के दौरान प्रताड़ित हुई सुपरवाइजर पहुंची अस्पताल

भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर प्रताड़ित हुई थी महिला।
डिंडोरी दर्पण ब्यूरो। जिले के महिला बाल विकास समनापुर में पदस्थ सुपरवाइजर स्वप्निल पुरी का पिछले दिनों अचानक स्वास्थ खराब होने से उन्हें जिला मुख्यालय के कैजुअल्टी में उपचार हेतु भरती करवाया गया है।गौरतलब है कि महिला व बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी, समनापुर पर पिछले दिनों सुपरवाइजरों द्वारा अवैध रूप से शासकीय राशि वापस किए जाने की मांग की जा रही थी। जिसको लेकर मामला खबरों के माध्यम से सार्वजनिक होना व वीडियो वायरल सहित व्हाट्सएप मैसेज भी सार्वजानिक हो चूके हैं।
जानकारी अनुसार आज इसी मामले की जांच हेतु उक्त सुपरवाइजर जिला कार्यालय पहुंची थी, इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में उपचार हेतु भर्ती कराया गया। चर्चा है कि जांच के नाम पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उक्त सुपरवाइजर को प्रताड़ित किया गया जिससे घबराहट बढ़ने से उसकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें बेहोशी की हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां वे अब भी भर्ती है।
अधिकारियों के दबाव से आई बेहोशी।
गौरतलब है कि जिले के विकास खंड समनापुर की परियोजना अधिकारी के खिलाफ लग रहे आरोपों का वीडियो और मैसेज वाइरल होने के बाद भी यदि उनके खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय सुपरवाइजर पर वरिष्ठ अधिकारी दबाव बना रहे है। अब मामला और भी गंभीर हो जाता है,जाहिर तौर पर उक्त मामले को दबाने के प्रयास उच्च स्तर पर किए जा रहे है।सुपरवाइजर ने जानकारी देते टनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि जिला कार्यालय में आज उन्हें भ्रष्टाचार के मामले की जांच हेतु बुलाया गया था,जिला कार्यालय में जिला कार्यक्रम अधिकारी, समनापुर परियोजना अधिकारी व सहायक संचालक उपस्थित थीं।उक्त सुपरवाइजर ने बताया कि जांच के नाम पर उन्हें प्रताड़ित करते हुए लगभग डेढ़ घंटे तक दबाव बनाया गया और देख लेने की धमकी दी जाती रही, जिससे घबराहट के बाद मुझे एक अन्य सुपरवाइजर द्वारा अस्पताल लाया गया।उक्त मामले में जांच के दौरान प्रताड़ना की शिकार हुई इस महिला कर्मचारी के साथ सोनल सैयाम भी उपस्थित थीं।अब आगे देखना है कि जिला प्रशासन और शासन स्तर पर उक्त मामले में न्यायपूर्ण कार्यवाही की दिशा में क्या सख्त कदम उठाए जाएंगे।



