तेंदुये का मिला शव, शिकार की आशंका

शरीर से पैरो के पंजे, नाखून, पूंछ सहित अन्य अवशेष गायब
बालाघाट। जिले में बहुतायत मात्रा में तेंदुये की मौजूदगी शिकारियो के लिए शिकार का एक बड़ा जरिया बन गई है। हालांकि काफी समय बाद जिले में वन्यप्राणी तेंदुये की मौत की खबर सामने आई है लेकिन जिस तरह से मृत मिले तेंदुये के शरीर के पंजे, नाखून, पूंछ सहित अन्य अवशेष गायब है, उससे उसके शिकार किये जाने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले में वनविभाग ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वनअपराध पंजीबद्व कर जांच भी शुरू कर दी है। मृत तेंदुये की जानकारी मिलने के बाद वनविभाग की टीम ने घटनास्थल से मृत तेंदुये का शव बरामद कर तीन पशु चिकित्सकों की टीम से मृत तेंदुये का पोस्टमार्टम करवाकर मृत तेंदुये का अंतिम संस्कार कर दिया हैं।
उत्तर सामान्य वनमंडल के उत्तर परिक्षेत्र सामान्य के भूरूक बीट में गत 19 जनवरी की शाम 4 बजें एक मृत तेंदूआ मिलने की जानकारी वनविभाग को मिली। वन्यप्राणी तेंदुये की मौत की जानकारी मिलते ही हरकत में आये वन अमले तत्काल ही घटना स्थल पर पहुंचकर मृत तेंदूयें के शव बरामद किया। जिसका पोस्टमार्टम करवाकर उसके शव का अंतिम संस्कार किया गया। शव से अस्थि पंजर गायब होने से शिकार होने की संभावना की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण का पता चल पयेगा। घ् घटना की सूचना पाकर घटनास्थल पहुंचे वनअधिकारी और कर्मचारियों ने मौका स्थल में चारो ओर रस्सी से घेराबंदी की। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डॉग स्क्वायड द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान डाग दो बार रामा सिंह पिता रमलू के घर गया, किन्तु मौके से किसी प्रकार की संधिग्ध वस्तु नहीं पाई गई। मौके पर एसओपी का पालन करते हुए संपूर्ण कार्यवाही की गई। इस दौरान उत्तर सा. वनमण्डलाधिकारी बृजेन्द्र श्रीवास्तव, उकवा सा. उपवनमंडलाधिकारी प्रशांत साकरे, उत्तर उकवा सा. परिक्षेत्र अधिकारी सिद्धार्थ कांबले, परिक्षेत्र अधिकारी पूर्व बैहर सा., परिक्षेत्र अधिकारी बिरसा दमोह, अरविंद मडावी, भेजनलाल गौतम, हरिराम पटले, राजेश रोकड़े, सचिन पदमे, महेशप्रसाद मिश्र, बाजारी सिंह ठाकरे, नदीम हुसैन, धम्मदीप रोकड़े, विवेक पांडेय, चंद्रशेखर मरकाम, कन्हैयालाल मडावी, नावेद पासा, कामरान अली, राहुल धुर्वे, गजेन्द्र उइके, सुरेश शरणागत, धुपलाल तथा वन अमला उपस्थित था।
परिक्षेत्र अधिकारी सिद्धार्थ कांबले के अनुसार मृत तेंदुये के पैरो के पंजे, नाखून, पूंछ सहित अन्य अवशेष गायब है। प्रथमदृष्टया वन्यप्राणी तेंदुये के शिकार की संभावना प्रतित होती है। इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ वन अपराध कायम कर विवेचना में लिया गया है। वनपरिक्षेत्र अधिकारी कांबले के अनुसार मृत तेंदुये का तीन पशु चिकित्साको की टीम द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसके बाद उसके शव को वनवमंडलाधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव, उपवनमंडलाधिकारी डी.एल. भगत की उपस्थिति में मृत तेंदुये के शव का अंतिम संस्कार किया गया।
सूत्र बतातें है कि इस क्षेत्र में आये दिन वनप्राणियों के शिकार की घटनायें सामने आती रहती है। जिससे वनविभाग की गश्ती पर प्रश्न चिन्ह लग रहे है। जबकि उसी क्षेत्र के एक युवा वनपरिक्षेत्र अधिकारी को उसी क्षेत्र के कुछ वनरक्षको को मिलाकर स्पेशल गश्ती के लिए उड़नदस्ता टीम बनाई गई। खास बात यह है कि जिस वन परिक्षेत्र के द्वारा पीओआर दर्ज किया गया है। उसका प्रभारी भी क्षेत्र में न रहकर अपने बालाघाट के निवास में रहता है। जिसकी सूचना आये दिन मिलती रहती है।



