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शिकरियों ने गोली मारकर किया था तेंदुये का शिकार

तीन आरोपी गिरफ्तार-दो फरार, आरोपियों के पास से मिले अन्य वन्यप्राणियों के अवशेष
बालाघाट। तेंदुये के शिकार मामले में वनविभाग की टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार किये गये आरोपियों के पास से वनविभाग की टीम ने एक भरमार बंदूक, शिकार किये गये तेंदुये के मूंठ के बाल और अन्य वन्यप्राणियों के अवशेष बरामद किये गये है।
गौरतलब हो कि 19 जनवरी को उत्तर लामता, बिरसा दमोह और पूर्व बैहर रेंज की बॉर्डर पर मृत तेंदुआ वनविभाग की टीम ने बरामद किया था। जिसके मूंछ और पूंछ के बाल के साथ ही पंजे और नाखुन गायब थे। जिस पर वनविभाग ने मृत तेंदुये का शव बरामद कर उसका पोस्टमार्टम करवाया था। जिसमें उसके शिकार की आशंका सच साबित हुई। वनअधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा किये गये पोस्टमार्टम में तेंदुये के सिर से दो गोली बरामद हुई थी। जिसके बाद वनविभाग की टीम ने तेंदुये का शिकार मामले में वन अपराध दर्ज कर अपनी विवेचना शुरू कर दी थी।
वनविभाग की टीम को घटनास्थल पर डॉग स्कॉड की मदद और विवेचना से पता चला कि छिंदीटोला निवासी शंकर उर्फ भीमसेन पिता अदनसिंह के पास बंदूक है, जिसने पूछताछ में तेंदुये के शिकार की पूरी कहानी बयां करते हुए तेंदुये के शिकार में सहयोगी साथियों के नाम भी बताये।
आरोपी शंकर उर्फ भीमसेन ने विवेचना कर रहे वन अधिकारियों को बताया कि अपने चार साथियों के साथ मिलकर ग्राम भुर्रूक की समीप भुर्रूक-छिंदीटोला मार्ग के किनारे राजस्व क्षेत्र में 16 जनवरी की दोपहर 3 बजे तेंदुये को गुलेल से खेदा कर भरमार बंदूक की गोली से शिकार किया था।
जिसके बाद वनअमले ने आरोपी शंकर उर्फ भीमसेन से शिकार में प्रयुक्त की गई भरमार बंदूक के साथ ही उसके घर से पुरानी बंदर की खोपड़ी, वन्यप्राणी घोरपड़ का चमड़ा, कछुआ का सख्त खोल, मृत सांप का सिर, जंगली सुअर के बाल, शिकार में प्रयुक्त किये जाने वाले जाल और फंदे सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है। वहीं इसकी निशानदेही पर पकड़ाये आरोपी हंसराम के पास से शिकार किये गये तेंदुये के मूंछ के बाल बरामद किये गये है।
तेंदुये का शिकार मामले में वनविभाग की टीम ने अब तक छिंदीटोला निवासी 35 वर्षीय शंकर उर्फ भीमसेन पिता अंदनसिंह गोंड, हंसराम उर्फ चिरू पिता चैतन गोंड और 48 वर्षीय मेहताप उर्फ मुन्ना पिता लामुसिंह गोंड को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपी चमरू पिता रजेसिंह गोंड और बिसन उर्फ मसन पिता अंदनसिंह गोंड, फरार है, जिसकी वनविभाग की टीम सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इनका कहना है
19 जनवरी को वनअमले द्वारा उत्तर लामता, बिरसा दमोह, पूर्व बैहर तीनों रेज की बॉर्डर पर मृत तेंदुआ बरामद किया गया था। जो प्रथमदृष्टया शिकार किया जाना प्रतित हो रहा था। जिसके किये गये पोस्टमार्टम में मृत तेंदुये के माथे से दो बुलेट निकाली थी। जिसे बैलेस्टिक टेस्ट के लिए सागर भेजा गया है, जिससे साफ था कि तेंदुये की मौत गोली लगने सो हुई है। जिस पर आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण और शेड्युल वन के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। जिसमे विवेचना के दौरान डॉग स्कॉड की मदद और पूछताछ में पता चला कि छिंदीटोला निवासी एक व्यक्ति के पास बंदूक है, जिसके बाद उससे पूछताछ की गई। जिसने अपराध स्वीकार कर तेंदुये के शिकार से संबंधित पूरी कहानी बयां की। जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि दो आरोपी अभी फरार है। आरोपियों से और पूछताछ में कई और जानकारी मिल सकती है। आरोपी द्वारा माईंस में छिपाकर रखी गई भरमार बंदूक के साथ ही मूंछ के बाल बरामद किये गये है। तेंदुये के पंजे और नाखून की आरोपियों की निशानदेही पर तलाश की जा रही है। इस मामले में अभी विवेचना जारी है।
बृजेन्द्र श्रीवास्तव,वनमण्डलाधिकारी,उत्तर सा.

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