भक्ति गीतों से गूंज उठी गायत्री शक्तिपीठ

जबलपुर दर्पण। हर वर्ग के बच्चों को निशुल्क संगीत सिखाकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का कार्य गायत्री परिवार द्वारा किया जा रहा है ।गायत्री परिवार के संस्थापक वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का कहना है कि प्रज्ञा गीतों में भक्ति एवं राष्ट्रीय हित समाहित रहता है।गीत संगीत के माध्यम से व्यक्ति के अंतर्मन हृदय तक पहुंचा जा सकता है संगीत के द्वारा व्यक्ति के विचारों को बदलने का एक महत्वपूर्ण कार्य किया जा सकता है। प्रतियोगिता का शुभारंभ श्री प्रमोद राय द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्रतिभागियों द्वारा बहुत ही सुंदर गीत प्रस्तुत किए गए जैसे की चंदन सी इस देश की माटी बच्चा-बच्चा हर राम हो,,,,,,
ना सोचो अकेली किरण क्या करेगी अकेली किरण क्या करेगी,,,,,
कर रहे हैं साधना हम गुरुवार यह प्रतियोगिता तीन भागों में आयोजित की जाती है। ग्रुप ए के 14 में से चार प्रतिभागी ग्रुप बी 12 में से चार प्रतिभागी एवं ग्रुप सी 10 में से चार प्रतिभागियों को फाइनल के लिए चयनित किया गया है।
वॉइस ऑफ प्रज्ञा के राष्ट्रीय संयोजक एवं निर्णायक मंडल प्रमुख श्री गोविंद श्रीवास्तव जी द्वारा बतलाया की संगीत जीवन सार्थक बनाता है । बच्चों युवाओं में आंतरिक शक्ति के जागरण तथा प्रसन्न रहने के लिए संगीत अत्यंत आवश्यक है वैज्ञानिकों ने यह सिद्ध कर दिया कि संगीत को गुनगुनाने मात्र से ही शरीर में शक्ति प्रदान करने वाले हार्मोन्स अपने आप जागृत होकर पॉजिटिव एनर्जी से व्यक्ति को भर देते हैं एवं छुपी हुई प्रतिभा को जागृत करते हैं। अनेकों बार व्यक्ति की जटिल बीमारियां भी संगीत के माध्यम से ठीक करने के प्रमाण हमारे ग्रंथों में मौजूद हैं। प्रतिभागियों के गाने वाले मधुर गीत संगीतो ने सभी का मन मोह लिया शक्ति पीठ का संपूर्ण परिसर भक्ति गीतों से गूंज उठा एवं सभी ने उनकी प्रशंसा की प्रतियोगिता संयोजक एवं निर्णायक मंडल के प्रमुख श्री गोविन्द श्रीवास्तव,श्री विजय वर्मा,श्रीमति नीता चक्रवर्ती और श्रीमति पूजा झा के द्वारा प्रतिभागियों को चयनित किया गया कार्यक्रम में श्रीमति पूनम दुबे, श्रीमति मधु नामदेव, श्रीमति दीप्ति मिश्रा,,श्री रमेश पटेल का विशेष सहयोग रहा॥ कार्यक्रम का संचालन श्रीमती वंदना राजपूत द्वारा किया गया



