जिले में अब तक हुई 225 से अधिक मौतें पर प्रशासन के आंकड़े मात्र 42 बता रहे

नरसिंहपुर दर्पण। शासन प्रशासन के लाख दावों और निरंतर कोशिशों के बाद भी कोरोना महामारी को लेकर जिले के हालात मेें आशातीत सुधार नही हो पा रहा है,सुधरती रिकवरी रेट के बीच कोरोना से पीडित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है वहीं लोगों की मौतों का सिलसिला रूक नही रहा है,पिछले तीन सप्ताह में जिले में 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। परन्तु प्रशासन इस अवधि में मात्र 11 लोंगों की मौतों को ही अपने आंकड़े में लिया है। आखिर क्यों शासन प्रशासन इन मौतों को छुपा रहा है यह समझ से परे है। जबकि वास्तविकता जगजाहिर है। जिले में पिछले 9 माह में 225 से अधिक मौतें हुई हैं। परन्तु सरकारी आंकड़ा 42 तक पहुंचा है। दूसरी और किसी को पलंग नही मिल रहा है तो किसी दवा, इंजेक्षन और आक्सीजन समय पर नही मिल पा रहा है। इतना जरूर है कि प्रयास किए जा रहा है परन्तु वे परवान नही चढ़ रहे हैं।
वार्डो कमरों में क्षमता से अधिक मरीज हैं , इनके परिजन बेहद मजबूरी में इस अव्यवस्था के बीच अपने मरीज की सेवा में जुटे रहते हैं जिससे संक्रमण एक दूसरे में जाने का खतरा बना रहता है। तो उसी कमरे में भर्ती कोई मरीज दम तोड़ देता है तो वह शव कई घंटों तक उसी छोटे से कमरे में पड़ा रहता है।
जिले से बाहर हुई अनेक लोगों की मौत– पिछले वर्ष 2020 में भी कई लोगों की मोत कोरोना से हुई थी जिसमें सितम्बर,अक्टूबर व नवम्बर माह जिले को भारी पड़ा था। जिसमें करीब 30 लोगों की मौत जिले की अस्पतालों में हुई थी ओर लगभग 50से लोगों की मौत कोरोना से जिले के बाहर हुई थी। कई लोग तबियत ज्यादा बिगडऩे पर जबलपुर, भोपाल, नागपुर, इंदौर आदि इलाज कराने गए थे। इनमें से अनेक लोगों की मौत इलाज के दौरान इन नगरों में हो गयी। जिनकी कोई गिनती जिले के आंकड़ोंं में नही है।



