सहस्रार दिवस उत्सव :आज खुला विश्व का सहस्रार

जबलपुर दर्पण। 5 मई 1970 को सहजयोग के द्वारा विश्व का सहस्रार खोलने के लिए परम पूज्य श्री माताजी निर्मला देवी को कोटि नमन करते हुए विश्व के सहज साधक सहस्रार दिवस की 51वीं जयंति पर पाँच दिवसीय सह्स्रार उत्सव मना रहे हैं। श्री माताजी निर्मला देवी सहज योग ट्रस्ट प्रतिष्ठान पुणे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रतिदिन प्रातः 5:30से रात्रि 9:00 बजे के मध्य ऑनलाइन सुबह शाम ध्यान सत्र, शास्त्रीय संगीत एवं भजन, नए साधकों के लिए ध्यान कार्यक्रम, ध्यान साधना में गहनता हेतु कार्यशाला, एवं पूजा समारोह का आयोजन किया जा रहा है। 5 मई को ऑनलाइन अंतर्राष्ट्रीय सहस्रार पूजा के साथ समारोह का समापन होगा।जो वेबस्थली- www.sahajayoga.org.in/live पर देखा जा सकेगा।
समग्र याने इन्टीग्रेटेड हुए बिना ध्यान की हर पद्धति अधूरी है। स्वयं का साक्षात्कार किए बिना परम शक्ति को अनुभव नहीं किया जा सकता।ईश्वर को हम चाहे किसी भी नाम रुप प्रतिमा धर्म से मानते हों परंतु यह धुव सत्य है कि वह निराकार है और कण कण मे व्याप्त है।उसे देखा नहीं जा सकता और आत्मा को जगाए बिना अनुभव भी नहीं किया जा सकता।
तनाव भरे आज के वैश्विक महामारी के समय में जबकि समस्त जन सामान्य का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है औऱ निराशा ने चारों ओर कोहराम मचा रखा है,केवल आत्म बल या विल पॉवर के द्वारा ही मानव इससे जीत सकता है अतःध्यान द्वारा स्वयं को सशक्त बनाना समय की माँग है।समस्या का हल अपने भीतर है,
अपने अंतर मे खोजो, ऐसी न जाने कितनी सूक्तियों से भारतीय दर्शन भरा पड़ा है।स्वयं कबीर ने इसे बड़ी सुन्दरता से समझाया है जैसे तिल मे तेल है ज्यों चकमक मे आग तेरा साँई तुझमे है जाग सके तो जाग
सहजता से आत्मा मे बसे ईश्वर को अनुभूत करने का स्वर्ण अवसर आया है। ध्यान की कोई भी पद्धति सहस्रार जागृत किए बिना अधूरी है,ऐसे मे सहजयोग संस्था सहस्रार दिवस की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिनांक 1से 5 मई तक पाँच दिवसीय ऑनलाइन सहस्रार उत्सव में जन सामान्य को सम्मिलित करने हेतु देश व्यापी भव्य आत्म साक्षात्कार कार्यक्रम रखा गया था जो दिनांक 20 मई तक निरन्तर रहेगा। जिसमें यू ट्यूब चैनल Learning Sahaja Yoga के द्वारा सभी को निशुल्क सहस्रार की जागृति एवं ध्यान के सूक्ष्म अनुभव कराया जा सकेगा।
सहस्रार जागृति एक मात्र तरीका है जिससे प्रेरित ध्यान निर्विचार करता है ,विचार शून्य की स्थिति में भूत और भविष्य की चिन्ता से मुक्त हो कर व्यर्थ के तनाव से मुक्ति मिलती है।बैठै बैठे चिन्ता मे अवसाद ग्रस्त हाोने से कहीं बेहतर है कि परिवार के सदस्य मिलकर मेड़ीटेशन करें और आनंद से इस मुश्किल समय को बिता दें। सहजयोग ऑनलाइन ध्यान से इस दौर के तनाव का घर बैठे निदान संभव हुआ है।
देश भर के लगभग 3000 सहजयोग ध्यान केन्द्र ऑन लाइन मेडीटेशन प्रोग्राम द्वारा वायरस के संक्रमण प्रभाव को कम करने हेतु प्रयासरत हैँ। यही नहीं पिछले दिनों विश्व भर के 90 देशों के लाखों लोगों ने एक साथ सहज योग ध्यान करके वैश्विक एकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है ।जिसमें हर देश, हर जाति,हर धर्म के लोग भेदभाव भूलकर एक मात्र आत्मा मे बसे ईश्वर को नमन कर रहे हैं।
सहजयोग के सभी केंद्र इस सहस्रार उत्सव सामूहिक ध्यान योग के माध्यम से विश्व के संरक्षण के लिए आध्यात्मिक शक्ति को प्रबल करने हेतु संकल्पित हैं। विश्व भर मे स्थापित सहजयोग के कार्यकर्ता निर्धारित समय पर इंटरनेट प्लेटफार्म का उपयोग कर श्री माताजी निर्मला देवी प्रणीत सहज योग पद्धति से ध्यान करवा रहे है। इससे लोग अपने घरों में सुरक्षित रह कर मानसिक और शारीरिक लाभ ले रहे हैं।
यह ध्यान बिल्कुल निशुल्क है और इसकी प्रक्रिया अत्यंत सरल है किंतु फिर भी इतनी प्रभावशाली कि हर व्यक्ति शीघ्र ही अपने में परिवर्तन अनुभव करने लगता है। जो भी इन प्रोग्राम से लाभान्वित होना चाहते हैं उनके लिए पूर्णतः निशुल्क टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 180030700800 की सुविधा दी जा रही है। जिसके द्वारा सायं 5 बजे विशिष्ट ऑन लाइन ध्यान प्रशिक्षण कार्य क्रम प्रायोजित किया जा रहा है।
व्यक्तिगत और सामूहिक रूप से हमारा समाज एक कठिन दौर से गुजर रहा है। ऐसे में सहजयोग ध्यान के निशुल्क ऑनलाइन कार्यक्रम जन साधारण के लिए वरदान सिद्ध हो रहे हैं।



