समाज सेवी पिंटू रूपेश पटेल ने नशा पीड़ित और मानसिक रोगियों के उपचार हेतु आश्रम को दान किए 21000 रुपए

जबलपुर दर्पण। नशा पीड़ित तथा मानसिक रोगियों के उपचार हेतु संचालित संस्था शांतम प्रज्ञा आश्रम नशा मुक्ति मनोआरोग्य दिव्यांग पुनर्वास केंद्र गोहलपुर मालगुजार परिसर जबलपुर में समाज सेवी पिंटू रूपेश पटेल जी ने मरीजों के उपचार दवाइयों ,भोजन तथा अन्य सामग्रियों के लिए इक्कीस हजार रूपए (21000/-) की राशि शांतम प्रज्ञा आश्रम को प्रदान की। विदित है कि कई वर्षों से शांतम प्रज्ञा आश्रम द्वारा नशा पीड़ित व मानसिक रोगियों का उपचार मनोचिकित्सक की देखरेख में किया जा रहा है किन्तु कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ने से महामारी ने समाज को अत्यन्त बुरी स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया है। आश्रम में भर्ती मरीजों का उपचार मरीजों के परिजनों द्वारा दी गई दान राशि से किया जाता है। परन्तु लोकडाउन के कारण मरीजों के परिजनों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है जिससे वे आश्रम को दानराशि नहीं भेज पा रहे है। आश्रम की व्यवस्था को बिगड़ता देख क्षेत्र के समाज सेवी और आश्रम के संरक्षक श्री पिंटू रूपेश पटेल जी द्वारा संस्था को 21000 रुपए की दानराशि प्रदान की गई तथा मरीजों के भोजन हेतु एक महीने का राशन भी दिया गया। विदित है कि इसके पूर्व भी जब 2020 में मार्च से मई तक लॉक डाउन लगा था तो उस समय भी पिंटू रूपेश पटेल जी ने संकट मोचक बन आश्रम की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी ली थी साथ ही पिंटू रूपेश पटेल के प्रयासों से जबलपुर जिले के बाहर के मरीजों को भेजने हेतु सरकारी पास बनाकर अपने वाहनों से सुरक्षित उनके घर भेजा गया था। शांतम प्रज्ञा आश्रम समाज के नशा पीड़ितों मानसिक रोगियों तथा दिव्यांग जनों के उपचार और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत संस्था है लेकिन एक अच्छी संस्था के संचालन में व्यवधान आने से काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन कभी कभी प्रभु से प्रार्थना करना निष्फल नहीं जाता और वो पिंटू पटेल के रूप में अपने देवदूतों को भेजकर व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी देते है। शांतम प्रज्ञा आश्रम के संचालन में व्यवधान न आए इसके लिए पिंटू पटेल जी हमेशा प्रयासरत रहते ही है।लेकिन उनके द्वारा आज प्रदान कि गई 21000 रुपए की दानराशि से आश्रम के व्यवस्था को सुधारने में काफी सहायता मिलेगी। शांतम प्रज्ञा आश्रम तथा उपचार ले रहे मरीजों द्वारा आपको कोटि कोटि धन्यवाद प्रभु आपको ऐसे ही निरंतर पीड़ित मानवता की सेवा करते रहने की शक्ति प्रदान करें।



