होम आइसोलेशन के 2 हजार कोरोना मरीजों तक पहुंची आर्ट ऑफ़ लिविंग

जबलपुर। आर्ट ऑफ लिविगं के संस्थापक पद्म विभषूण श्री श्री रवि शंकर की प्रेरणा से आर्ट ऑफ लिविगं के प्रशिक्षकों एवं वॉलेंटियर्स ने शहर में कोरोना से संक्रमित 2000 होम आइसोलेशन के मरीजों तक अन्नपूर्णा सेवा के माध्यम से प्रतिदिन भोजन थाली पहुंचाने में सफलता हासिल की है। आर्ट ऑफ लिविगं प्रशिक्षक एवं स्टेट मीडिया कोऑर्डिनेटर ऋतु राज असाटी ने बताया की अन्नपूर्णा सेवा प्रकल्प के तहत कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूर्णतः सैनिटाइज रसोई में आर्ट ऑफ लिविगं के वॉलेंटियर्स ने न सर्फ भोजन तैयार किया बल्कि होम आइसोलेशन मरीजों के घर और कंटेनमेंट जोन पहुंच कर वितरित भी किया। अन्नपूर्णा सेवा में अपैक्स मेम्बर नितिन बरसैयाँ, मनु शरत तिवारी, प्रशिक्षक अरुणा सरीन, सुनीला पवार, प्रभा खंडेलवाल, शरद बडगैयाँ एवं अन्य का विशेष योगदान रहा।
प्राणायाम, ध्यान से हुआ सकारात्मक परिवर्तन-कोरोना महामारी के इस दौर में आर्ट ऑफ लिविगं ने बीमारी से जूझ रहे लोगों को मानसिक तनाव, डर, अवसाद से दूर रखने प्रतिदिन एक विशेष कोविड प्रोटोकाल के तहत 45 मिनिट निःशुल्क ऑनलाइन योग, प्राणायाम, ध्यान भी कराया जा रहा है जिसमें संस्था के योग शिक्षक प्रमोद चैतन्य, नवीन बरसैयाँ, रेणु मिश्रा, किरण व्यास, हितेश परमार, समता श्रीवास्तव, दीप्ति थापा, निधि केशरवानी के साथ ही प्रदेश भर के शिक्षकों योगदान दे रहे हें। प्रतिभागी मरीजों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित प्राणायाम और ध्यान के अभ्यास ने उन्हें महसूस ही नहीं होने दिया कि वे कोविड से ग्रस्त हैं।



