भाजापा-कांग्रेस के नेताओं और कांग्रेस को देशद्रोही बता कर जनता का ध्यान ना भटकाये: कांग्रेस प्रवक्ता
जबलपुर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा जनहित में जनविरोधी नीतियों को बेनाकाब करने पर एफआईआर कराना सत्ताधारी यों की बौखलाहट का प्रमाण है। प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया भाजपा से जुड़े लोग जीवन रक्षक दवाइयों, बेड ,नकली रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी के खिलाफ और कोरोना परिवार के पक्ष में आवाज उठाना पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपए मुआवजा की मांग करना प्रदेश में कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े पूछना, वैक्सीन की कमी, ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी ,अंतिम संस्कार के लिए स्थान और लकड़िया की कमी की आवाज उठाना राजद्रोह और राष्ट्रद्रोह है क्या?
कोष्टा ने कहा कि प्रदेश सरकार उपरोक्त कमियों की वजह से कोरोना संक्रमित की मौतों के जवाबदार लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय आंकड़े दबाए, छुपाए कांग्रेस सहन नहीं करेगी । बेहतर यही होगा कि प्रदेश के मुक्तिधाम, कब्रिस्तान में इन 3 माह में हुई मौतों के आंकड़ों के रजिस्टर को सार्वजनिक करें ।और उसी के अनुसार कोरोना पीड़ित मृतक के परिजनों को ₹5लाख का मुआवजा प्रदेश सरकार प्रदान करें। कोष्टा ने कहा कि कांग्रेस जिन मुद्दों को उठा रही है उन पर सरकार जनहित में गंभीरता से विचार कर समाधान करने का प्रयास करें ।लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार असलियत से भयभीत है। और कांग्रेस को देशद्रोही बता कर जनता का ध्यान ज्वलंत मुद्दों से भटका ना चाहती है ।आंकड़ों की बाजीगरी ना करके सरकार को सच्चाई का सामना करना चाहिए। तभी समस्याओं का सही समाधान जनहित में हो सकेगा।



