संतों के मार्गदर्शन से पूर्ण हो रहा 5 करोड़ श्री राम लेखन महासंकल्प अभियान

जबलपुर दर्पण। शांतम प्रज्ञा मिशन और शिवशक्ति सेवा समिति के संयुक्त तत्वाधान में अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्विघ्न निर्माण हेतु पांच करोड़ श्री राम नाम लेखन जाप का महासंकल्प लिया गया है जिसकी पूर्ति के लिए शांतम प्रज्ञा आश्रम के सदस्यों द्वारा साधु संतों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साधु संत सनातन धर्म के आधार स्तंभ तथा धर्म के रक्षक होते है। साधु संतों के आशीर्वाद से ही समाज में आध्यात्मिकता और धर्म का उदय होता है। इस विचार को लेकर श्री राम नाम लेखन जाप महासंकल्प अभियान के सूत्रधार व शांतम प्रज्ञा मिशन के संयोजक मुकेश कुमार सेन ने नर्मदा तट जिलेहरी घाट स्थित प्रेमानंद आश्रम के महंत श्री श्री 108 श्री श्यामदास जी महाराज को श्री राम नाम लेखन जाप पत्रिका भेंट कर इस महाअभियान से जुड़ने का आह्वान किया तथा निवेदन किया कि संतों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद से इस पुण्य कार्य को गति मिल सके जिससे अधिक से अधिक संख्या में भक्त श्री राम नाम जाप महासंकल्प अभियान से जुड़ सके और पांच करोड़ श्री राम नाम लेखन पूर्ण हो सके। प्रेमानंद आश्रम के महंत श्री श्री 108 श्री श्यामदास जी महाराज जी ने श्री राम नाम लेखन जाप अभियान को समाज में धर्म,आध्यात्म और भक्ति के प्रचार का सबसे उत्तम और सरल मार्ग बताया तथा सभी सदस्यों को आशीर्वाद प्रदान किया महंत श्रीश्री108 श्री श्यामदास जी महाराज जी ने रामचरित मानस की चौपाई ‘कलयुग केवक नाम अधारा, सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा’ का उदाहरण देते हुए बताया कि रामनाम से ही सारे संकट टल जाते हैं । कलयुग में केवल प्रभु का स्मरण ही भव से पार किए जाने का एक मात्र आधार है। इसलिए सभी को प्रभु श्री राम जी के नाम का गाकर,लिखकर अथवा पढ़कर जाप करना चाहिए जिससे हमारे जीवन में भक्ति का उदय तो हो ही साथ ही हमारी चेतना भी पवित्र हो सके। अंत में श्रीश्री108 श्री श्यामदास जी महाराज ने सभी भक्तों से पांच करोड़ श्री राम नाम लेखन जाप महासंकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।



