सरकार आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को शीघ्र पूरा करे : कांग्रेस प्रवक्ता
जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टीकाराम कोष्टा ने कहा कि प्रदेश की 90 हजार आशा-उषा कार्यकर्ता का संयुक्त मोर्चा अनिश्चितकालीन हड़ताल धरना प्रदर्शन 31 दिन से जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक के खिलाफ आशा एवं सहयोगी यों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है । आशा कार्यकर्ता 35 हजार सहायक सम्मानजनक मानदेय और कोरोनाकाल में सरकार द्वारा उनसे किये गए वादे पूरे किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं। आशा कार्यकर्ताओं-सहायकों की मांग को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपना पूरा समर्थन दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री कमलनाथ के निर्दश पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदेश भर में जारी आशा कार्यकर्ताओं-सहायकों की हड़ताल को अपना समर्थन दिया ।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को शीघ्र पूरा करें। कोष्टाने कहा कि आशा-उषा कार्यकर्ता और सहायक मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा बुनियादी ढांचा हैं। किसी भी संकट काल में उपचार का पहला चरण यहीं से शुरू होता है। कोरोना महामारी के दौरान आशा-उषा कार्यकर्ताओं और सहायकों ने रात-दिन मेहनत की, लेकिन इनकी मेहनत का सम्मान और पारिश्रमिक देने के बजाय मध्य प्रदेश सरकार इनके साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता को प्रदेश भर की आशा कार्यकर्ताओं के संघर्ष में उनके साथ बराबरी से शामिल है।
कोष्टा ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की 18 हजार रुपये और सहायकों को 24 हजार रुपये पारिश्रमिक सुनिश्चित करने की मांग एकदम जायज है। इसके अलावा कोविड महामारी के दौरान आशा कार्यकर्ताओं के पारिश्रमिक का भुगतान न करना कोरोना योद्धाओं को निराश और हतोत्साहित करने का सरकार का निंदनीय कदम है।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट कहा है कि कोरोना की तीसरी लहर से पहले सरकार को स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने का इंतजाम करना था, लेकिन मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य से जुड़े कर्मचारियों के खिलाफ ही अभियान छेड़ दिया है। पहले जूनियर डाॅक्टरों की हड़ताल हुई, फिर नर्सों की हड़ताल हुई और अब आशा कार्यकर्ता की हड़ताल 31 दिन से जारी होने के बावजूद सरकार का अड़ियल रवैया जनहित में ठीक नहीं।



