सांसद ने लोकसभा में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का विस्तार और विविधीकरण काे लेकर उठाया था प्रश्न

छिन्दवाड़ा जबलपुर दर्पण । सांसद बंटी विवेक साहू लोकसभा में देश के ज्वलिंत मुद्दों पर लगातार अपनी बात रख रहे है। जिसका जवाब केन्द्रीय मंत्रियों द्वारा दिया जा रहा हैं। मंगलवार को सांसद श्री साहू ने लोकसभा में प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का विस्तार और विविधीकरण काे लेकर प्रश्न पुछा था।
जिसमें केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बताया कि सांसद बंटी विवेक साहू द्वारा पुछे गये प्रश्नाें के उत्तर सदन के पटल पर एक विवरणी रखी गई है। जिसमें उन्हॊंने बताया कि प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का विस्तार और विविधीकरण के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में संदर्भित विवरण के अनुसार सरकार ने देश में सहकारी आंदोलन को सशक्त करने और उसे जमीनी स्तर तक सघन करने की योजना को दिनांक 15.2.2023 को अनुमोदित किया। दिनांक 15.11.2025 के अनुसार, इस योजना के अधीन देश भर में कुल 30,083 नए पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं और 15,793 डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों को सशक्त किया गया है। अब तक 2,55,881 ग्राम पंचायतें पैक्स द्वारा आच्छादित हैं।87,159 ग्राम पंचायतें डेयरी सहकारी समितियों द्वारा आच्छादित हैं और 29,964 ग्राम पंचायतें मात्स्यिकी सहकारी समितियों द्वारा आच्छादित हैं।
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि एक ही स्थान पर किसानों को उर्वरक, कीटनाशक और अन्य विभिन्न कृषि निविष्टियां प्रदान करने के लिए पैक्स, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में कार्य करेंगे। अब तक 38,330 पैक्स को PMKSKS में अपग्रेड किया गया है। ग्रामीण जनता को बैंकिंग, बीमा, बिजली बिल भुगतान, स्वास्थ्य सेवाएं, कानूनी सेवाएं, आदि जैसी 300 से भी अधिक ई-सेवाएं प्रदान करने के लिए पैक्स, कॉमन सेवा केंद्रों (CSCs) के रूप में कार्य करेंगे। अब तक 51,183 पैक्स ने CSC के रूप में कार्य करना आरंभ कर दिया है। ग्रामीण जनता को किफायती दामों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पैक्स, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों (PMBJK) के रूप में कार्य करेंगे। अब तक, 799 पैक्स को PMBI से स्टोर कोड प्राप्त हो गए हैं और वे PMBJK के रूप में कार्य करने के लिए तैयार हैं।पैक्स को रिटेल पेट्रोल/डीजल आउटलेट्स के लिए पात्र बनाया गया। सरकार ने पेट्रोल/डीजल आउटलेट्स के आबंटन में पैक्स को कंबाइन्ड कैटेगरी 2 (CC2) में शामिल करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि पैक्स को अपने थोक पेट्रोल पंप को रिटेल आउटलेट्स में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई। तेल विपणन कंपनियों द्वारा मौजूदा थोक उपभोक्ता लाइसेंस प्राप्त पैक्स को रिटेल आउटलेट्स में परिवर्तित होने के लिए एक बार का विकल्प दिया गया है। तेल विपणन कंपनियों द्वारा साझा की गई सूचना के अनुसार, 5 राज्यों में थोक उपभोक्ता पंप लाइसेंस प्राप्त 117 पैक्स ने रिटेल आउटलेट्स में परिवर्तित होने की सहमति दी है जिसमें से तेल विपणन कंपनियों द्वारा 59 पैक्स कमीशन किए गए हैं। उन्हाेंने बताया कि अपने कार्यों में विविधीकरण हेतु पैक्स को एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए पात्र बनाया गया। अब पैक्स एलपीजी डिस्ट्रिब्यूटरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं। इससे पैक्स को अपने आर्थिक क्रियाकलापों को बढ़ाने और अपनी आय प्रवाह के विविधीकरण का विकल्प प्राप्त होगा। पैक्स को ग्रामीण क्षेत्रों में नल जलापूर्ति योजनाओं के प्रचालन और रखरखाव (O&M) का कार्य करने के लिए पात्र बनाया गया है। राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार, 11 राज्यों/ संघ राज्यक्षेत्रों द्वारा पंचायत/गांव के स्तर पर O&M सेवाएं प्रदान करने के लिए 763 पैक्स की पहचान की गई है चयनित किए गए हैं। जिले की सहकारिता समितियाें व संगठनाें और किसानाें के संगठनाें एवं किसानाें ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पीएसीएस) का विस्तार और विविधीकरण काे लेकर उठाये गये कदमॊं और सुविधाओं के लिए केन्द्रीय मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया समितियां रखेगी निगरानी
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने बताया कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्यान्वयन और राज्यों में प्रभावी समन्वय एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए इन योजनाओं/परियोजनाओं के जमीनी स्तर पर निगरानी करने के लिए सहकारिता मंत्रालय ने झारखंड सहित राज्यों में बहुस्तरीय पद्धति अपनायी है। इस उद्देश्य के लिए राष्ट्र से लेकर जिला स्तर तक, विभिन्न स्तरों पर समितियों का गठन किया गया है। इनमें अंतर- मंत्रालयीय समिति, राष्ट्र-स्तरीय समन्वय समिति, राज्य सहकारी विकास समिति, जिला सहकारी विकास समिति बनाई गई है।इसके अलावा, योजना की प्रगति का जायजा लेने और मूल्यांकन हेतु मासिक राज्य समीक्षा बैठकें और द्वि-मासिक क्षेत्रीय समीक्षा बैठकें की गईं। इसके अतिरिक्त, सभी संबंधित हितधारकों के बीच समन्वय में सुविधा के लिए सहकारिता मंत्रालय द्वारा एक परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) भी स्थापित की गई है। उन्हाेंने बताया कि हमारे ये प्रयास राष्ट्रीय सहकारिता डेटाबेस (NCD) के माध्यम से मजूबत रिपोर्टिंग प्रणाली द्वारा समर्थित हैं जो पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं।



