जिला अस्पतालों में प्रसवकालीन मानसिक स्वास्थ्य (पीएमएच) प्रशिक्षण आयोजित

जबलपुर दर्पण। मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रसवकालीन मानसिक स्वास्थ्य (पीएमएच) को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत, स्वास्थ्य पेशेवरों को गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान, सहायता और प्रबंधन करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल से लैस किया जाएगा।
आज, 27 नवंबर 2024 को, विक्टोरिया जिला चिकित्सालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में यह प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य पेशेवरों की क्षमताओं को तेजी से बढ़ाना है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 28 नवंबर 2024 तक जारी रहेगा और इसमें जिला अस्पतालों के प्रसूति विंग के सभी स्टाफ, जिसमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, चिकित्सा अधिकारी और नर्सिंग अधिकारी शामिल थे, को शामिल किया गया।
वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ और कार्यक्रम नोडल अधिकारी डॉ. रत्नेश कुररिया ने बताया कि इस प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि कार्य की गुणवत्ता और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यशाला में मेडिकल कॉलेज के मनोचिकित्सा विभाग के वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. ओ पी रायचंदानी, डॉ. नेहा राम सिंघानी, मनोचिकित्सक डॉ. विद्यारत्न बरकड़े, और चिकित्सा अधिकारी डॉ. पारस ठाकुर ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रसवकालीन मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
यह पहल गर्भवती महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और उनकी देखभाल में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।



