विजय द्विवेदी होंगे रीठी के नये तहसीलदार

जबलपुर दर्पण रीठी/कटनी। जिले के रीठी तहसील कार्यालय में बीते दो-तीन वर्षों से व्याप्त अनियमितताएं व दलाली के अवैध कारोबार पर अब लगाम लगने के कयास लोगों द्वारा लगाये जा रहे हैं। विभाग में हावी अफसरशाही भी हो सकता है समाप्त हो जाये क्योंकि की विगत दिवस मध्यप्रदेश शासन राजस्व विभाग के निर्देशन में जिले में हुए तहसीलदार व नयाव तहसीलदार के तबादले में रीठी के प्रभारी तहसीलदार रहे राजेश पांडे का नाम भी शामिल है। रीठी तहसीलदार के पद पर विजय द्विवेदी को पदस्थ किया गया है।
नाक के नीचे वर्षों से चल रही अवैध पत्थर खदानें
देखा गया कि बीते दो-तीन वर्षों से रीठी मुख्यालय में अवैध कारोबार जमकर पनप रहा था। तहसील कार्यालय के सामने ही कई वर्षों से दर्जनों पत्थर खदाने बेखौफ तरीके चल रहीं है। जिस पर पूर्व अधिकारी द्वारा कभी भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जबकि पत्थर खदानों के ठेकेदारों द्वारा बिना किसी अनुमति के प्रतिदिन अवैध रूप से ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाला जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि खदानों के ठेकेदारों द्वारा हैवी बिलास्टिंग इस तरह की जाती है कि रहवासीयों के घरों में दरारें आ गई है, कुंओं सहित तालाब का पानी मटमेला हो जाता है। बावजूद इसके अभी तक प्रशासन अपनी लालची प्रवृत्ति के कारण आंख में पट्टी बांध कर बैठा रहा। लेकिन ग्रामीणों को अब नवागत तहसीलदार से इन अवैध कारोबारों पर लगाम लगाये जाने की काफी उम्मीद है।
अमीरों पर रहम, गरीबों पर सितम
देखा गया कि बीते कुछ माह पहले शासन के निर्देशन में अतिक्रमण कारियों पर कार्रवाई की गई थी और रीठी के बस स्टैंड पर ठेला-टपरा या झोपड़ी बनाकर रोजगार चला रहे गरीब दुकानदारों पर बुलडोजर चला रोजगार छीन लिया गया था। कार्रवाई की चपेट मे आये कई दुकानदार आज भी दो बक्त की रोटी के लिए दर-दर भटकने मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर रीठी के मुख्य बाजार में पूर्व तहसीलदार द्वारा अतिक्रमण की कार्रवाई के नाम पर सिर्फ रस्म अदायगी की गई है। जहां आज भी वाहन चालक परेशानीयों का सामना करने मजबूर हैं। मुख्य बाजार में पूर्व तहसीलदार द्वारा कार्रवाई के नाम पर बड़े दुकानदारों के यहां दुकानों के बाहर लगे टीन शेडों को हटवा कर कार्रवाई का कोरम पूरा कर लिया गया है। स्थिति यह है कि बड़े दुकानदारों द्वारा पुन: टीन शेड लगा लिए गये हैं। वहीं बस स्टैंड के दुकानदार आज भी रोजगार को भटक रहे हैं। इतना ही नही पूर्व तहसीलदार द्वारा गोल बाजार के अतिक्रमण को चिन्हित किया गया था, लेकिन अधिकारियों के समक्ष हुए नाप से आज तक अतिक्रमण नही हटाया गया है।



