भारत वर्ष धर्म निरपेक्ष नहीं बल्कि धर्म सापेक्ष देश है: महामंडलेश्वर पूज्य संत श्री राधे जी सरकार

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में पनागर तहसील ग्राम मुड़िया में श्रीमदभागवत कथा का आयोजन चल रहा है कथा व्यास प्रखर तेजस्वी क्रांतिकारी राष्ट्रीय संत महामंडलेश्वर पूज्य संत श्री राधे जी सरकार ने बताया कि हमारा भारत वर्ष धर्म निरपेक्ष देश नहीं बल्कि धर्म सापेक्ष देश है क्योंकि धर्म से निरपेक्ष हो जाने का मतलब है कि सत्य सदाचार संयम अहिंसा शिष्टाचार जैसे संस्कृति संस्कारो से निरपेक्ष हो जाना तो जिस भारत को विश्व गुरु की उपमा दी जाती है तो आखिर वही भारत वर्ष धर्म निरपेक्ष देश कैसे हो सकता है। महामंडलेश्वर पूज्य श्री राधे जी सरकार ने समस्त भारत वासियों से धर्म सापेक्ष होने को कहा उन्होंने बताया कि धर्म सापेक्ष जीवन जीने से ही व्यक्ति श्रेष्ठ बन पाएगा । उन्होंने शासन प्रशासन से प्रश्न किया है कि यदि हम धर्म निरपेक्ष हो जाएं तो फिर हमको तो भारत में सत्य बोलना, संयम सदाचार एवं अपनी समस्त अच्छाईयों को खो देना चाहिए। तो क्या यह उचित है। फिर इसका परिणाम क्या होगा वो सभी जानते हैं। जगह जगह लूट फरेब इत्यादि ही होना है इसलिए धर्म को कमजोर ना समझा जाए यह हमारे जीवन जीने का आधार है। और रही बात सेकुलरिज्म की तो सेकुलर का अर्थ धर्म निरपेक्ष नहीं अपितु पंथ निरपेक्ष होता है। पंथ निरपेक्ष अर्थात आप अपने अपने इस्ट को प्राप्त करने हेतु अपनी अपनी क्रिया के द्वारा प्राप्त करने में स्वतंत्र हो। किन्तु कुछ गद्दार नेताओं ने सेकुलर के नाम पर हमको धर्म निरपेक्ष बताया । महामंडलेश्वर राधे जी सरकार ने शासन प्रशासन को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि आप सेकुलर को धर्म निरपेक्ष बताकर परिभाषित करते हैं तो सरकार हो या राज सरकार सेकुलरिज्म की यह परिभाषा हमें स्वीकार नहीं है।



