जंगल बचाओ जल बचाओ अभियान के तहत बक्सवाहा जंगल को बचाने के लिए

बक्सवाहा में पर्यावरण योद्धाओं का हुआ महाकुंभ ——— —————- पर्यावरण प्रेमी मंजूषा गौतम———-
बक्सवाहा जंगल बचाओ अभियान के तहत देश के विभिन्न प्रान्तों से धरातल पर कार्य कर रहे कई समाजिक संगठनों का पूर्व निर्धारित समयानुसार दिनाँक – 01/08/21 से 03/08/21 तक जबलपुर के जवाहरलाल नेहरु कृषि विश्वविद्यालय, अधारताल में महाजुटान हुआ। इन तीन दिवसीय कार्यक्रम दिनाँक 01/08/21 को समर्थ गुरु भैया जी ने दीपप्रज्वलन और राष्ट्रगान के बाद कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। सभा मे राष्ट्रप्रेम और प्रकृति प्रेम की अद्भुत छटा छाई हुई प्रकृति संरक्षण का जोश सभी मे भरा पड़ा दिख रहा था।
इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश छतरपुर जिलान्तर्गत बक्सवाहा जंगल के संरक्षण के लिए मध्यप्रदेश, बिहार, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा, दिल्ली, पंजाब, इत्यादि प्रदेशो के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश के कटनी जिले की वरिष्ठ समाज सेवी पर्यावरण प्रेमी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए सम्मानित हो चुकी एडवोकेट मंजूषा गौतम कार्यक्रम में शामिल होकर पर्यावरण संरक्षण और जंगल बचाओ अभियान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। समाज सेवी मंजूषा गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि
जीवित रहने के लिए जल, जंगल और जमीन का संरक्षित होना जरूरी है। इस तीन दिवसीय समर्थ राष्ट्रीय प्रकृति पर्यावरण संरक्षण की चिंता है।
सभा मे उपस्थित सभी लोगो को पोस्टकार्ड उपलब्ध भी कराया गया ताकि बकस्वाहा जंगल के संरक्षण हेतु पत्र भी भेजा जा सके। ये मुहिम पूरे देश मे भी चलाने पर जोर दिया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए झारखंड रांची से कमलेश सिंह से पर्यावरण योद्धा अपने परिचय के साथ अपने जिलों में व्याप्त पर्यावरण समस्या को सुधारने और जागरूकता के साथ युवाओं के आपसी सहयोग से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बेहतरीन प्रयास करने की जरूरत है। बिहार समस्तीपुर से संजय कुमार बबलू ने सभी पर्यावरण योद्धाओं को जंगल बचाओ अभियान के लिए संकल्प दिलाया । समाज सेवी मंजूषा गौतम सभी पर्यावरण योद्धाओ के द्वारा जागरूकता पदयात्रा के साथ नर्मदा के तट पर आगमन के साथ पूजन वंदना, पर्यावरण संरक्षण हेतु संकल्प, कैलाश धाम की यात्रा भी की गई । बकस्वाहा जंगल के भ्रमण के दौरान वृक्षो में रक्षासूत्र भी बांधा गया, वृक्षो से चिपक कर चिपको आंदोलन की स्मृतियों को स्मरण कराया गया, साथ ही संकल्प लिया गया की आवश्यकता पड़े तो पुनः पूरा देश एकत्रित होकर बकस्वाहा जंगल के संरक्षण के लिए आवाज बुलंद किया जाएगा। आज लाखो लोग इस अभियान से जुड़े हुए हैं, साथ ही समाज सेवी मंजूषा गौतम ने माननीय प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया कि हमे हीरा नही ऑक्सीजन चाहिए, तुच्छ हीरे के कारण प्राकृतिक संसाधनों को खत्म किया जाना समझ से परे है, इसकी रक्षा किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत मे सामूहिक बैठक तीन दिनों की यात्रा पर निष्कर्ष निकाला गया की देश के सभी निजी संगठनों और व्यक्तिगत रूप से कार्य कर रहे पर्यावरण योद्धाओ की एक टीम तैयार किया जाए जिसमे राज्य स्तर से ग्रामीण स्तर तक के पर्यावरण योद्धाओ को जोड़ा जाए, ताकि संरक्षण की दिशा में और बेहतरीन कार्य किया जा सकें। इस कार्यक्रम में समाज सेवी पर्यावरण प्रेमी कमलेश कुमार सिंह झारखंड राचीं ,एडवोकेट समाज सेवी पर्यावरण प्रेमी मंजूषा गौतम कटनी (म.प्र) , समाज सेवी संजय कुमार बबलू समस्तीपुर बिहार, भूपेंद्र जी राय बरेली, (म.प्र ),समाज सेवी मिथलेश परमार छतरपुर , आर आर उपाध्याय दिल्ली, कृति केशव , राजा महाराज, टी के सिन्हा , सुरेंद्र साहु, आस मोहम्द, प्रीति जी, गुलाब चंद,लिटिल जूनियर सिद्धि सिंह,लिटिल ऋद्धि सिंह, लिटिल जूनियर विराट गौतम, समाज सेवी राखी सिंह, विकास जी, रोहित जी, वेंकयी जी, रितेश जी इत्यादि के साथ सैकड़ो की संख्या में विभिन्न प्रदेशों से आए पर्यावरण योद्धा उपस्थित रहें।



