बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़

मण्डला र्दपण। जिले के विकास खण्ड नारायणगंज सब्जी मंडी के बालक मा.विद्यालय मे
जानकारी मिलने से जब मीडिया वहां पहुंची, तो माध्यमिक विद्यालय मे ताला लगा मिला, और बच्चे बराबर स्कूल पहुंच चुके थे स्कूल मे ताला होने की बजह से वे बाहर खेल रहे थे जब उन बच्चों से पूछा गया तो उन्होंने ने बताया की हम तीन-चार कि.मी. दूर पढ़ने आते हैं और दो दिन से स्कूल बंद मिलता है जिस बजह से हम लोग थोडी देर से घर चले जावेंगे। वहीं पालको का कहना हैं की हम बच्चों को पढ़ने स्कूल भेजते हैं तो स्कूल बंद मिलता है जिससे हमारे बच्चों की पढ़ाई चौपट हो रही है। यहां शिक्षकों की मनमानी चल रही है।
उक्त बिषय की जानकारी जब नरेश सैयाम बीआरसी को दी गयी, तो उन्होंने ने बताया कि शिक्षकों को अस्पताल मे प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है। इसलिए स्कूल बंद है। क्या शासन के ऐसे कौन से निर्देश है की शाला बंद करके प्रशिक्षण मे भेज दिया जाता है? जबकि यहां दो शिक्षक पदस्थ हैं अगर एक शिक्षक प्रशिक्षण मे जाता है तो दूसरा विद्यालय मे रहकर बच्चों को अध्ययन करा सकता है। पर यहां ऐसा नही है यहां के जबावदारों ने दोनों शिक्षकों प्रशिक्षण कार्य मे भेज दिया गया हैं। पर सवाल ऊठता है की क्या दोनो शिक्षक प्रशिक्षण मे गये हैं या नही जिसका खुलासा जांच होने से सामने आ जावेगा।
इस बिषय को लेकर जनशिक्षक से पूछा गया तो उन्होंने ने बताया की यहां एक शिक्षक था अभी अभी कुछ दिन पहले एक शिक्षक की और ज्वाईनिंग हुई है। और माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों ने प्रशिक्षण मे जाने से पहले प्राथमिक शाला के शिक्षकों को बता दिया था । आप लोग स्कूल देख लीजिएगा। पर प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने इस बात से इंकार कर दिया।
जब विकास खण्ड के जबावदार बीईओ से फोन नं. तीन बार संपर्क करना चाहा तो वे फोन उठाना मुनासिब नही समझा। भगवान न करें अगर विकास खण्ड के स्कूलों मे कोई अनहोनी घटना हो जाये तो वहां के जबावदार का यही हाल होगा। जो एक विचार योग्य बात है। और शासन को संज्ञान मे लेकर कार्यवाही करना चाहिए।
विगत कुछ दिनों से शिक्षा व्यवस्था को लेकर दैनिक समय जगत लगातार समाचार पत्र मे प्रकाशन कर रहा है इसके बाद भी आला अधिकारियों के जूं तक नही रेंग रहे। और वे शासन-प्रशासन के दिशा निर्देशो को ताक मे रखकर मनमानी, भ्रष्टाचार करने से बाज यही आ रहे । केवल मीटिंग मे झूठी रिपोर्ट देकर खाना पूर्ति कर देते हैं। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है।
शासन-प्रशासन से जन अपील है की ऐसे भ्रष्ट, लापरवाह अधिकारियों के ऊपर शक्त से शक्त कार्यवाही होनी चाहिए। जो स्कूल के बच्चों से खिलवाड़ करने से बाज रही आ रहे हैं।
इनका कहना है-
इस विद्यालय शिक्षक अस्पताल प्रशिक्षण मे गये है। अगर अनावश्यक स्कूल बंद पाया जावेगा तो संबंधित शिक्षक के ऊपर शक्त कार्यवाही की जावेगी।
नरेश सैयाम
बीआरसी, नारायणगंज, मण्डला
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