जनता का आक्रोश दिखा सड़कों पर

जबलपुर दर्पण। पूर्व विधानसभा के नागरिकों ने पूर्व केबिनेट मंत्री विधायक लखन घनघोरिया के नेतृत्व में शहर के समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं के साथ हजारों की संख्या में कॉचघर चौक से पदयात्रा कर जुलूस के रूप से शीतलामाई, घमापुर से होते हुए अम्बेडकर चौक पर बाबा भीमराव के प्रतिमा पर माल्या अपर्ण के साथ संविधान की दुहाई देते हुए नगर निगम कमिशनर संदीप जी.आर. को ज्ञापन सौंपा कांग्रेस नेताओं और कार्यकत्ताओं ने सरकार के खिलाफ जम कर नारेबाजी की और मांग की थी। जब से मध्यप्रदेश में भाजपा की शिवराज सरकार आई है। तब से आम नागरिकों का जीना दूभर हो गया है। शासन प्रशासन की नकामियों के कारण बेरोजगारी महंगाई चरम सीमा पर बढ़ी है। बिजली विभाग अनाश शनाप बिल देकर जनता के साथ लूट कर रहा है। कोरोना काल के दौरान बंद स्कूलों के बाद भी जबरन फीस वसूली कर रहा है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की घोषणाओं को धता वता रहा है। लॉकडाउन के समय भाजपा की केन्द्र सरकार ने छूटी घोषणा कर जनता से वाह वाही लूटी और बैंकों को आदेशित किया की कोरोना काल के समय में ब्याज की वसूली न की जाये पर बैंकों द्वारा जबरन वसूली की जा रही हैं। सरकार के द्वारा कोरोना काल में हुई मृत्यु पर परिवार को मुआवजा देने की बात कही गई पर उन परिवारों को मुआवजा मिलना तो दूर कोरोना से मृत्यु प्रमाण पत्र भी नहीं मिल रहा है। ये भोली भाली जनता के साथ धोका है। नगर निगम अपना खजाना भरने के लिए करों की वसूली तो कर रही है। पर अपने दायित्वों को नहीं निभा रही है।
शहर की चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं सफाई व्यवस्था कीटनाशक दवाओं का छिड़काव न होने से उत्पन जानलेवा महामारी डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से आम जनता ग्रसित हुई है। अफसोश के साथ ये कहना पड़ रहा है कि गरीबी रेखा की पात्रता रखने वाले परिवारों को राशन से वंचित किया गया है। गरीबों के राशन कार्ड बनाना भी बंद हो गये है। गरीबों को मदद न मिले एक सजिश के तहत पोर्टल बंद होने का बहाना बनाकर समग्र आई.डी. को आधार से लिंक नहीं किया गया। जल व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था जैसी मूल सुविधाओं से भी शहर वंचित है। जनहितैशी वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, निराश्रित पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान नहीं किया जा रहा। ऐसा लग रहा है, जैसे सरकार आम जनता व हितग्राहियों को मरने पर मजबूर कर रही है। यह जन आकोश पदयात्रा शासन प्रशासन की मस्ती को भंग करना और कुंभकरण की नींद का ढोंग करना को उजागर करने एक आंदोलन का रूप हैं।
विधायक लखन घनघोरिया ने शासन की व्यवस्थाओं को लेकर कटू अलोचना करते हुए कहा कि विंगत सप्ताह शासन प्रशासन ने जितनी जीवंतता एवं जीवटता गृह मंत्री के आगमन पर दिखाई दी यदि इसकी आदि सरकारी व्यवस्थाओं को जनता के लिए सुचारू संचालन कर देते तो आज शहर की अस्पताले मरीजों से नही भरी होती मंहगाई बेरोजगारी से आम नागरिक तडहफता दिखाई न देना। इसके पूर्व भी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के द्वारा संभागीय कार्यालयों का घेराव किया। पर प्रशासन अनसुनी करता रहा। पूर्व विधानसभा के नागरिकों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पदयात्रा करके आकोश व्यक्त किया। समस्याओं से प्रशासन का ध्यानाकर्षण कराया इसके बाबजूद भी समस्याओं को हल नहीं किया गया जो कि चिंतनीय एवं निंदनीय है। यह भी चेतावनी दी है कि यदि तत्काल जनहित की व्यवस्थाएं नहीं दी तो यह आकोश जन आन्दोलन उग्र होगा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश यादव ने प्रशासन की सजिश को उजागर करते हुए बताया की जन आकोश आंदोलन को बदनाम करने के लिए समय के पहले घमापुर चौक में बैरी गेंट लगाकर जनता को रोक कर परेशान किया गया जब इसकी जानकारी कांग्रेस नेताओं को पता चली तो तत्काल ट्रफिक चालू कराया गया। ऐसी उम्मीद प्रशासन से नहीं की जा सकती थी। दोषी अधिकारियों को दंडित करने की कार्यवाही की जाये।
जनआकोश पदयात्रा में सम्मलित नेता प्रदेश सेवा दल पूर्व अध्यक्ष सतेन्द्र यादव, नगर अध्यक्ष सतीश तिवारी, रमाकांत रावत, सतीश उपाध्याय, कदीर सोनी, मतीन अंसारी, ब्लॉक अध्यक्ष आजम अली, खान, जितेन्द्र सिंह ठाकुर, संजय अहिरवार, युवक कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र राज, मुरलीधर राव, संजय साहू, ताहिर अली, राजू लईक, कल्लन गुप्ता, शफिक हिना, गुलाम हुसैन, मुन्ना बेन, रत्नेश अवस्थी, उमेश लोधी, मुन्नू पंडा, शैलेन्द्र कुंडे, आशिफ इकबाल, प्रमोद पटैल, प्रदीप तिवारी, राजेश दीवान, राकेश पांडे, बबलू वंशकार, गोपजबरानी, धर्मेन्द्र पटारिया, इस्तियाक अंसारी, शेख फारूक, रिंकू यादव, रिजवान कोटी, राज शुक्ला, सरमन रजक, विश्वजीत मुखर्जी, जीत जागड़े, राजेश केशरवानी, शैंकी सोनकर, सोनू सोनकर, ललित कोटवानी, सागर शुक्ला, दिलीप जाट, रवि सैलानी, कुन्दन चौधरी, पियूष सिंह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।



