हाईकोर्ट में प्रकरणो के तत्काल सुनवाई हेतु वर्चुअल कोर्ट स्लिप देने व मेंशनिंग किए जाने की मांग

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर सहित खंडपीठ इंदौर तथा ग्वालियर मैं प्रकरणों में तत्काल सुनवाई हेतु प्रातः 10.30 बजे प्रत्यक्ष फिजिकल रूप से कोर्ट स्लिप दी जाती है तथा प्रकरणों की मेंशनिंग भी फिजिकल रूप से की जाती है। स्टेट बार कौंसिल ऑफ़ मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष आर. के. सिंह सैनी ने कोर्ट स्लिप व मेंशनिंग को फिजिकल के साथ ही वर्चुअल रूप से दिए जाने की मांग हाईकोर्ट प्रशासन से की है। इस संबंध में श्री सैनी ने हाई कोर्ट के माननीय चीफ जस्टिस श्री मोहम्मद रफीक तथा अन्य समस्त माननीय जजों को पत्र भेजकर उक्त प्रक्रिया को वर्चुअल माध्यम से सुविधा देने का निवेदन किया है।
जारी पत्र में कहा गया है कि जब किसी न्यायालय में 100 से अधिक प्रकरण लगे होते हैं तो प्रकरण की सुनवाई आउट ऑफ टर्न करवाने हेतु 60 वर्ष से अधिक के पुरुष व महिला अधिवक्ताओं को कोर्ट स्लिप लेने अथवा मेंशनिंग कराने प्रातः 10.30 बजे व्यक्तिगत रूप से निवेदन करने न्यायालय आते हैं, उसके बावजूद भी उन्हें सफलता नहीं मिलती है तो अत्यधिक कठिनाई होती है। पत्र में 60 वर्ष के अधिक व सीनियर सिटीजन अधिवक्ताओं को परेशानी से बचने हेतु फिजिकल के साथ ही वर्चुअल माध्यम से कोर्ट स्लिप दिए जाने व मेंशनिंग किए जाने की मांग की है। उपाध्यक्ष श्री सैनी द्वारा प्रेषित पत्र का समर्थन करते हुए मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार चौधरी, कोषाध्यक्ष श्रीमती रश्मि ऋतु जैन, बीसीआई सदस्य प्रताप मेहता, कार्यकारिणी समिति अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह, कार्यकारिणी समिति उपाध्यक्ष अहादुल्ला उसमानी, को चेयरमैन प्रेम सिंह भदोरिया, हितोशी जय हार्डिया, राजेश व्यास, अखंड प्रताप सिंह, प्रवक्ता राधेलाल गुप्ता, सदस्य रामेश्वर नीखरा, नरेंद्र कुमार जैन, राजेश कुमार शुक्ला आदि ने प्रदेश के अधिवक्ताओं के हितार्थ उन्हें हो रही परेशानी को देखते हुए उक्त सुविधा प्रदान किए जाने का निवेदन हाईकोर्ट प्रशासन से किया है।



