जबलपुर दर्पणमध्य प्रदेश

3 साल से कब्जा पाने दर-दर भटक रहा फरियादी

जबलपुर दर्पण । किसी ने सही कहा है किसी गरीब को कोर्ट कचहरी के चक्कर ईश्वर कभी ना कटवाए कोर्ट कचहरी के चक्कर काटते काटते चप्पल घिस जाती है पर न्याय नहीं मिलता और मिलता भी है तो तब तक बहुत देर हो चुकी होती है कुछ इसी तरह की बानगी पेश कर रहा है ग्राम पंचायत रीमा में रहने वाला एक मुस्लिम परिवार जो अपने घर के बगल से अवैध कब्जे को हटाए जाने के लिए पिछले 4 सालों से अपनी एड़ियां घिस रहा है पर विडंबना इस बात की है कि उक्त परिवार के पक्ष में आदेश तो कर दिया गया है पर अब कब्जा पाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट काट कर यह परिवार थक चुका है

✳️ जीते जी नहीं मिला कब्जा।
इस मुस्लिम परिवार के बड़े पुत्र जो लंबे समय से बेड पर विकलांग जीवन जी रहे हैं मोहम्मद इम्तियाज बताते हैं कि उनकी मां नूरजहां बेगम ने यह कब्जा पाने के लिए नायब तहसीलदार बरगी में आवेदन किया था और उसके बाद उन्हें लकवा की शिकायत हो गई लंबी बीमारी के चलते तन मन और धन से उनका परिवार बुरी तरह से टूट गया जीते जी उनकी मां इस अवैध कब्जे को नहीं हटवा सकी और अपने मकान को कब्जा मुक्त नहीं देख सकी शायद प्रशासन को अब इस बात का इंतजार है कि धीरे-धीरे इस परिवार के अन्य लोग भी काल के गाल में समा जाएं और यह किस्सा इसी तरह से चलता रहे ।

✳️ कब होंगे बेदखल टूट रही उम्मीद।

आवेदक शेख रफीक ने बताया कि उप तहसील कार्यालय बरगी ने पहला आदेश 6 जनवरी 2023 को किया था दूसरा बेदखली आदेश 13 फरवरी 2023 को किया था तथा तीसरा बेदखली आदेश 8 दिसंबर 2023 को किया था तीन-तीन बार बेदखली के आदेश के पारित होने के बाद भी अवैध कब्जा धारी से प्रशासन कब्जा नहीं हटवा पाया जिससे यह स्पष्ट होता है कि कहीं ना कहीं पूरा मामला प्रशासनिक जुगलबंदी तथा साथ गांठ से फल फूल रहा है और फरियादी लगातार शारीरिक आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहा है अब फरियादी मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित हो चुका है कि वह प्रशासन से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाने की सोच रहा है

✳️ अतिक्रमण कर बनाया प्रधानमंत्री आवास

प्रकरण में उल्लेखनीय यह है कि अतिक्रमणकारियों दाल चंद्र साहू चरण लाल पिता कंधी लाल साहू रुक्मिणी बाई पति कांधी लाल साहू द्वारा आवेदक की निजी भूमि खसरा नंबर 197 रकबा 0.28 हेक्टेयर उनके घर के बाजू वाली खाली पड़ी जगह पर वर्ष 2019 में निर्माण करना प्रारंभ कर दिया था आवेदिका स्वर्गीय नूर जहां बेगम को लकवा लग जाने तथा घर में अत्यंत परेशानी होने के कारण उनका परिवार इस ओर ध्यान नहीं दे पाया और बीमारी के इलाज में व्यस्त होने का फायदा उठाकर अनावेदक गणों द्वारा अवैध निर्माण अवैध कब्जा कर प्रधानमंत्री आवास का पक्का निर्माण कर लिया गया है तथा अवैध कब्जा वाली जगह पर नलकूप का खनन भी कर लिया गया है।

✳️ सीमांकन में खुल गई कलई। उक्त आवेदित भूमि का शासकीय सीमांकन दिनांक 29 5 2021 को किया गया था जिसमें राजस्व निरीक्षक महोदय द्वारा अपने प्रतिवेदन में उल्लेखित किया गया है कि उक्त सीमांकित भूमि के अंश भाग 0.04 हेक्टेयर पर अनावेदकों का अवैध कब्जा करना सिद्ध है अतः मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता की धारा 250 ( 3) के अंतर्गत अनावेदक को आदेश दिया जाता है कि अतिक्रमण अनावेदक भूमि स्वामी आवेदक को कब्जा सोपे अनावेदक को आवेदक भूमि स्वामी की स्वत्य की भूमि पर अवैध कब्जा करने के कारण अतिक्रमण भूमि से 15 दिवस के भीतर अपना कब्जा हटाकर भूमि स्वामी को सौंपकर न्यायालय में उपस्थित होकर तथा आवेदक से कब्जा प्राप्ति की रसीद एवं पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करें आदेश का उल्लंघन करने तथा पुनः कबजा ना करने के लिए ₹100000 एक लाख का बंध पत्र एवं जमानत नामा निष्पादित कर प्रस्तुत करने का आदेश नायब तहसील कार्यालय बरगी द्वारा पारित किया गया था उक्त आदेश का पालन नहीं करने की स्थिति में अनावेदक को धारा 250( क)के अंतर्गत सिविल जेल की कार्रवाई के लिए प्रकरण माननीय न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी की ओर भेजो जाने की भी बात कही गई थी पर आज भी यह सारे आदेश ढाक के तीन पात ही बने हुए है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page

situs nagatop

nagatop slot

kingbet188

slot gacor

SUKAWIN88