प्रदेश में खाद की त्राहि-त्राहि, कालाबाजारियों को कौन दे रहा संरक्षण

जबलपुर दर्पण। मध्यप्रदेश के किसान इस समय खाद की कमी से अत्यंत परेशान और त्रस्त हैं। सरकारी खाद वितरण केंद्रों पर किसान रोजाना घंटों लाइन में लगे रहने को अभिशप्त और मजबूर हैं। लेकिन उसके बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है और कालाबाज़ारी सरेआम धड़ल्ले से चल रही है। खाद माफिया मनमाने दामों पर किसानों को खाद बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमा रहे हैं और सरकार मूँक बघिर बनी किसानों को लुटते देख रही है।
खजुराहो विमानतल पर जब मीडिया ने खाद की किल्लत पर शिवराज जी से सवाल पूंछा तो उन्होंने हाथ जोड़ लिए और बिना उत्तर दिए मौन साध लिया। मुख्यमंत्री जी आप अपने आपको किसान पुत्र बताते नहीं अघाते हैं, आज खाद की कालाबाज़ारी पर मौन क्यों है? क्या इसका मतलब ये समझा जाये कि आपने कालाबाज़ारियों के समक्ष हथियार डाल आत्मसमर्पण कर दिया है और कालाबाज़ारियों को किसानों को लूटने की खुली छूट दे रखी है। मुख्यमंत्री से सवाल किया कि एक तरफ़ तो आप कहते हैं प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और दूसरी तरफ़ किसानों को सरकार ना तो खाद उपलब्ध करवा पा रही है और ना ही सुरक्षा। आपकी किसान विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश का किसान चारों तरफ़ से लूटने पिटने को अभिशप्त है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रदेश प्रवक्ता टोकोराम कोष्टा ने कहा की कांग्रेस की माँग है कि सरकार अविलम्ब किसानों को सुचारू रूप से उचित दामों पर तत्काल खाद मुहैया कराए और कालाबाजारियों पर रासुका के अंतर्गत कार्यवाही कर प्रदेश के किसानों को लुटने से बचाये।



