कानूनी अधिकारों के प्रति महिलाओं को जागरूक होना जरूरी, जनेकृविवि में महिला सुरक्षा विधिक जागरूकता कार्यक्रम में वक्त किये उद्गार

‘‘नारी तुम केवल श्रृद्धा हो, विष्वास-रजत-नग-पगतल में,
पीयूष-स्त्रोत सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में’’
जबलपुर दर्पण। भारत का अमृत महोत्सव के तहत जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन के मार्गदर्षन में महिला सुरक्षा विधिक जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीष श्री मनीष सिंह ठाकुर सचिव जिला विधिक सेवा प्रधिकरण जबलपुर ने कहा महिलाओं को अपने कानूनी अधिकारों के प्रति सजग सचेत और जागरूक होने की महती आवष्यकता है। समाज को जागृत करने महिलाओ को जागृत करना होगा। क्योंकि कानून के साथ-साथ समाज की भी बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जयषंकर प्रसाद रचित कामायिनी की पंक्तियां ‘‘नारी तुम केवल श्रृद्धा हो, विष्वास-रजत-नग-पगतल में, पीयूष-स्त्रोत सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में’’ के साथ ही एक शेर भी पढ़ा ‘‘जो इस कायनात की बागवां है, वो खुद अपने हक से अंजान है।’’
विषेष वक्ता न्यायिक मजिस्टेट श्रीमति दीक्षा तनेजा ने कहा अपने ऊपर हुये अत्याचार को छिपायें नहीं, क्योंकि हमारे संविधान में महिला सुरक्षा हेतु अनेक कानून बने हैं, जिससे अपराधी बच नहीं सकता। आज भी महिलायें बदनामी के डर से मुकद्दमा दर्ज नहीं कराती हैं। इससे अपराधी के हौंसले बुलन्द हो जाते हैं। अधिष्ठाता डॉं. शरद तिवारी, अधिष्ठाता डॉं. अतुल श्रीवास्तव अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉं. अमित कुमार शर्मा, लेखानियंत्रक बी.एन. बाजपेयी, जिला विधिक सहायक अधिकारी एम. जिलानी, उपकुलसचिव डॉं. आर.के. समैया, लॉ छात्रा अनामिका विष्वास ने अपने वक्तव्यों में कहा नारी अबला नहीं सबला है। नारी निन्दा मत करो नारी रत्नों की खान, नारी से नर होते है ध्रुव प्रहलाद समान। इसलिये नारी का अपमान करने वाला मर्द नहीं हो सकता। कार्यक्रम का संचालन डॉं. अनुपमा वर्मा एवं आभार प्रदर्षन डॉं. अनुभा उपाध्याय ने किया। इस दौरान अधिकारी, वैज्ञानिक, प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्रा वर्ग की महिलाओं से सभागार ठसाठस भरा था। पूर्व में सरस्वती वंदना एवं पूजन अर्चन के बाद जनेकृविवि के कुलगीत का प्रसारण किया गया।



